तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK 107 सीटों पर आगे चल रही है। सिर्फ दो साल पहले बनी पार्टी बहुमत यानी 118 सीटों से सिर्फ 11 कदम पीछे रह गई। वहीं BJP के समर्थन वाला AIADMK गठबंधन 53 सीट और DMK गठबंधन 74 सीटों पर है।
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1967 से अब तक तमिलनाडु में 6 बार DMK और 8 बार AIADMK की सरकार रही है। अब पहली बार किसी तीसरी पार्टी की सरकार बन सकती है। हालांकि इसके लिए TVK को 118 सीटों का आंकड़ा जुटाना होगा…
इसके लिए 3 सिनैरियो बन सकते हैं…
1. TVK को AIADMK का साथ मिल जाए
- ‘तमिलगा वेत्त्री कझगम’ यानी TVK ने सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा था। वहीं AIADMK की अगुवाई वाले गठबंधन में BJP, PMK और AMMK जैसे दल हैं।
- सबसे ज्यादा 108 सीटें मिलने के चलते परंपरा के मुताबिक, राज्यपाल TVK को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।
- TVK को यह साबित करना होगा कि अपनी सीटें और बाहरी समर्थन मिलाकर उसके पास कम से कम 118 विधायकों का समर्थन है।
- अगर TVK को AIADMK का साथ मिल जाए, तो आंकड़ा कुछ इस तरह होगा- TVK की 107 + AIADMK की 45 मिलाकर कुल 152 सीटें। इससे TVK और AIADMK की गठबंधन सरकार बन जाएगी।
ऐसा होने की संभावना कितनी?
- TVK से जुड़े कुछ सूत्रों का कहना है कि AIADMK, बीजेपी के बिना ही TVK को 5 साल तक चलने वाली मजबूत सरकार बनाने के लिए समर्थन दे सकती है। बदले में उसे कुछ मंत्रालय मिल सकते हैं।
- दरअसल, DMK और AIADMK दोनों द्रविड़ आंदोलन से निकली पार्टियां हैं। दोनों तमिल प्राइड, सेकुलरिज्म और एंटी-हिंदी कल्चर के स्टैंड के लिए जानी जाती हैं। हालांकि दोनों में मूल अंतर ये है कि DMK पेरियार की सोच, एंटी-ब्राह्मण रेशनलिज्म और तमिल प्राइड जैसे मुद्दों को लेकर ज्यादा सख्त है। जबकि AIADMK उतना कट्टर नहीं है। इसीलिए बीजेपी और AIADMK एक साथ चुनाव लड़ते रहे हैं।
- TVK भी द्रविड़ पॉलिटिक्स से प्रेरित है। विजय की राजनीतिक विचारधारा पर आंबेडकर और के. कामराज जैसे नेताओं का असर है। विजय ने कहा था कि द्रविड़वाद और तमिल प्राइड उनके लिए सबसे ऊपर हैं।
27 अक्टूबर 2024 को TVK की पहली सभा के दौरान विजय ने कहा था- द्रविड़वाद और तमिल राष्ट्रवाद हमारी दो आंखें हैं और यही पार्टी का नजरिया है।
- हालांकि TVK ने राजनीतिक तौर पर DMK का ही ज्यादा विरोध किया है, DMK की सरकार में भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया और लगभग हर रैली में उनके भाषण इसके इर्द-गिर्द रहे। TVK के लिए बीजेपी भी वैचारिक तौर पर विरोधी है।
- हालांकि विजय ने अपनी रैलियों में AIADMK और उसके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (EPS) को लेकर अपना रुख नरम रखा। आखिर की कुछ ही रैलियों में वह EPS के खिलाफ बयान देते दिखे।
- वहीं बीजेपी के खाते में सिर्फ एक सीट आई है, इसलिए ADMK, बिना किसी दबाव के TVK को समर्थन देने का फैसला कर सकती है।
2. TVK को DMK की सहयोगी कांग्रेस और बाकी दलों का साथ मिल जाए
- DMK की अगुवाई वाले ‘सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस’ में DMK के अलावा कांग्रेस, VCK, CPI(M), CPI, MDMK जैसी पार्टियां शामिल हैं।
- TVK को सिर्फ 11 सीटें चाहिए हैं। जबकि DMK के घटक कांग्रेस को 5, CPI को 3 और IUML को 2 सीटें मिली हैं।
- ये तीनों दल DMK अलायंस छोड़कर TVK को समर्थन दे दें, तो TVK की 107 + कांग्रेस की 5+ CPI की 2 + IUML की 2 सीटें मिलाकर कुल 116 का आंकड़ा हासिल हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली PMK, AIADMK के गुट का हिस्सा है, लेकिन ये भी अपने जीते हुए 4 विधायकों के साथ TVK को समर्थन दे सकती है। इससे TVK 120 के आंकड़े के साथ बहुमत की सरकार बना लेगी।
ऐसा होने की संभावना कितनी?
- सूत्रों के मुताबिक, संभावना है कि समर्थन के बदले कांग्रेस, VCK, CPI और PMK के विधायकों में से कुछ को कैबिनेट में भी शामिल किया जा सकता है।
- दरअसल, राहुल गांधी और विजय थलपति के बीच अच्छे दोस्ताना रिश्ते बताए जाते हैं। विजय की चर्चित फिल्म ‘जन नायगन’ को सेंसर बोर्ड से मंजूरी न मिलने पर जनवरी 2026 में इसके रिलीज पर रोक लग गई थी। तब राहुल मूवी के समर्थन में उतर आए।
- उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मोदी जी आप तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी सफल नहीं होंगे।’ TVK ने तुरंत बयान जारी करके राहुल के इस बयान को ‘फ्रेंडली’ बताया था।
- बीते साल सितंबर में विजय की करूर में हुई एक रैली में भगदड़ मचने से 39 लोगों की मौत हो गई थी। तब भी राहुल ने विजय से फोन पर बात की थी।

27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में हुई विजय की रैली में भगदड़ मचने से 39 लोगों की मौत हो गई थी।
- इसके अलावा चुनाव के पहले से ही DMK और कांग्रेस में सीट बंटवारे को लेकर तनाव था। तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के नेता एस. राजकुमार ने कहा था कि 2021 में DMK गठबंधन से कांग्रेस को 25 सीटें मिली थीं। इस बार कांग्रेस को ज्यादा हिस्सेदारी मांगनी चाहिए।
- जब राहुल ने विजय को फोन किया, तो DMK से तनाव की चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि तमिलनाडु कांग्रेस के एक नेता ने कहा था कि राहुल गांधी ने शोक संवेदना जताने के लिए राजनीतिक मर्यादा के तहत विजय को फोन किया था। विजय ने भी राहुल गांधी को लोकसभा सांसद बनने पर बधाई दी थी।
- कांग्रेस, TVK को मंत्री पद की शर्त पर समर्थन दे सकती है, क्योंकि लंबे समय से DMK का साथ देने के बावजूद कांग्रेस कभी DMK सरकार का हिस्सा नहीं रही है। जनवरी में कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा था कि अब वक्त आ गया है कि सीट बंटवारे से आगे बढ़कर सत्ता बंटवारे की बात की जाए।’
- DMK के सीनियर नेता ई पेरियासामी ने फौरन इस बयान को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था, ‘कभी भी गठबंधन सरकार नहीं बनी। राज्य में DMK का ही शासन रहा है। पार्टी के इस रुख में कोई बदलाव नहीं होगा, कभी कोई गठबंधन सरकार नहीं बनेगी। सीएम स्टालिन इस रुख पर अडिग हैं।’
- कांग्रेस के अलावा CPI और IUML को भी DMK की सरकार में हिस्सेदारी नहीं मिली है। इनके विधायक भी DMK से अलग होकर विजय का साथ दे सकते हैं।
एक रेयरेस्ट सिनैरियो ये भी है कि TVK को DMK का समर्थन मिल जाए..
अगर DMK समर्थन दे दे, तो आंकड़ा कुछ इस तरह होगा…107 + 60 = 167 यानी बहुमत से 49 सीटें ज्यादा। इससे TVK और DMK की गठबंधन वाली सरकार बन जाएगी। हालांकि दोनों का साथ आना बेहद मुश्किल और अव्यावहारिक है। TVK, DMK के शासन का विरोध करके ही सबसे ज्यादा सीटें लाई है। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने तमिलनाडु सीएम MK स्टालिन को घेरा। स्टालिन के बेटे उदयनिधि और विजय पॉलिटिकल राइवल माने जाते हैं।

विजय नेतमिलनाडु सीएम MK स्टालिन (दाएं) और उनके बेटे उदयनिधि (बाएं) पर निशाना साधते हुए कहा था कि एक परिवार पूरे राज्य को लूट रहा है। उन्होंने कहा, ‘MGR और जयललिता ने DMK को शैतानी ताकत कहा था, अब मैं भी दोहरा रहा हूं।’
अगर TVK बहुमत न साबित कर पाई, तो चौथा सिनैरियो भी हो सकता है…
AIADMK और DMK मिल जाएं तो, आंकड़ा 127 सीटों का हो जाएगा। इससे पहली बार तमिलनाडु में दो विरोधी पार्टियों की गठबंधन सरकार बन सकती है। ऐसा कर पाना वैचारिक और राजनीतिक तौर पर लगभग असंभव होता है। हालांकि इससे पहले 2 बार ऐसा हो चुका है…
2018 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव
- 15 मई 2018 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। 224 सीटों की विधानसभा में बहुमत के लिए 113 सीटों की जरूरत थी। बीजेपी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
- वहीं कांग्रेस को 78 सीटें मिलीं। वहीं JD(S) को 37 सीटें मिलीं। चुनाव के पहले प्रतिद्वंद्वी रहे कांग्रेस ने JDS को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया। सीएम पद भी HD कुमारास्वामी को दे दिया गया। 23 मई 2018 को कुमारास्वामी ने सीएम पद की शपथ ली।
2019 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव
- महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर बहुमत के लिए 145 के आंकड़े की जरूरत थी। 24 अक्टूबर को आए नतीजों में बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीतीं। यानी कुल मिलाकर 161 सीटें। सरकार बनने में कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन सीएम पद और पावर शेयरिंग पर पेच फंस गया।
- शिवसेना ढाई-ढाई साल दोनों पार्टियों से सीएम बनाने के फॉर्मूला की मांग का रही थी, लेकिन बीजेपी ने इससे इनकार कर दिया।
- शिवसेना ने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी रहे कांग्रेस और NCP के साथ महाविकास अघाड़ी गठबंधन यानी MVA गठबंधन बनाया। इधर प्रेसिडेंट रूल लगने के बाद 23 नवंबर को NCP में अजित पवार के गुट वाले विधायकों के समर्थन से बीजेपी के देवेंद्र फडनवीस ने सीएम पद की शपथ ली, हालांकि वह सिर्फ 70 घंटे सीएम रहे।
- 28 नवंबर को शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे ने MVA सरकार के सीएम के बतौर शपथ ली और जून 2022 तक सीएम रहे। हालांकि एकनाथ शिंदे के गुट के करीब 40 विधायकों की बगावत के चलते उनकी सरकार गिर गई थी।
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पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। शाम 4 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 198 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 89 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 121 बढ़ती दिख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
