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ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने का दांव क्यों चला: देश में पहली बार ऐसी स्थिति, जानिए संविधान और एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं

ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने का दांव क्यों चला:  देश में पहली बार ऐसी स्थिति, जानिए संविधान और एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं

चुनाव हारने के बावजूद सीएम ममता बनर्जी इस्तीफा देने से इनकार कर रही हैं। देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि चुनाव हारने के बाद कोई सीएम इस्तीफा देने से मना करे। बीजेपी का कहना है कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है। पश्चिम बंगाल की मौजदा स्थिति पर संविधान और जानकार क्या कहते हैं और अगर ममता का जाना तय है, फिर इस्तीफा न देने की चाल क्यों चली; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने का क्या लॉजिक दिया है?
जवाबः ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा… सवाल-2: अगर इस्तीफा नहीं देंती, तो संविधान क्या कहता है? जवाबः संविधान का अनुच्छेद 164 राज्य के मंत्रिपरिषद के गठन और इसमें राज्यपाल की शक्तियों से जुड़ा हुआ है। अनुच्छेद 164(1) कहता है कि मुख्यमंत्री ‘राज्यपाल की इच्छा तक’ पद पर बने रह सकते हैं। अगर मौजूदा मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो राज्यपाल अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए उनकी सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं। हालांकि इसकी भी नौबत नहीं आएगी। क्योंकि अनुच्छेद 172 कहता है, ‘हर राज्य की विधानसभा यदि पहले ही विघटित नहीं कर दी जाती है तो, अपने प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक बनी रहेगी, इससे अधिक नहीं। और पांच वर्ष की उक्त अवधि की समाप्ति का परिणाम विधानसभा का विघटन होगा।’ मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई यानी कल तक ही है। उसके बाद न पुराने विधायक बचेंगे, न विधानसभा, न मंत्रिमंडल और न ही मुख्यमंत्री। सवाल-3: इस स्थिति पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं? जवाबः संविधान के जानकार और सुप्रीम कोर्ट में वकील विराग गुप्ता बताते हैं- विराग गुप्ता का कहना है कि अगर ममता बनर्जी प्रत्यक्ष जाकर राज्यपाल को इस्तीफा नहीं देना चाहतीं, तो वो ईमेल या चिट्ठी के माध्यम से भी भेज सकती हैं। ये भी मान्य होता है। सवाल-4: ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने का दांव क्यों चला? जवाबः ममता ने ये कदम संवैधानिक कम, राजनीतिक वजहों से ज्यादा उठाया है। TMC पहली बार इतनी बड़ी हार झेल रही है। हार के बाद पार्टी में भगदड़, दलबदल और स्थानीय नेताओं के BJP की ओर जाने का खतरा रहता है। ‘मैं नहीं झुकूंगी’ वाला संदेश कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश हो सकता है। इसके अलावा भी एक्सपर्ट्स कुछ वजहें बताते हैं… ममता के इस्तीफा न देने की बात पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का कहना है, ‘अगर वे रिजाइन नहीं देना चाहती हैं, तो उन्हें डिसमिस कर देना चाहिए। देश उनके हिसाब ने नहीं चलेगा। ममता SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप गलत हैं और चुनाव आयोग सही। इसका मतलब ये डिबेट पहले ही समाप्त हो चुकी है।’ ————————- ये खबर भी पढ़ें…
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