सरगुजा जिले के विशेष संरक्षित आदिवासी परिवार हैंडपंप के अभाव में ढोढ़ी का पानी पी रहे हैं। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिली तो उन्होंने सरगुजा कलेक्टर को फोन किया और पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए। सरगुजा कलेक्टर ने बताया कि मैनपाट सहित सरगुजा के 100 से अधिक बसाहटों के पानी की समस्या है। डीएमएफ मद से 100 हैंडपंप खनन की स्वीकृति दी गई है। जानकारी के मुताबिक, मैनपाट ब्लॉक के ग्राम सपनादर निवासी चेराजोबला बस्ती के करीब 35 पहाड़ी कोरवा और माझी परिवार निवासरत हैं। बस्ती में पेयजल के लिए हैंडपंप नहीं है। सालों से ये परिवार ढोढ़ी और नाले का पानी पी रहे हैं। गर्मी में ढोढ़ी और नाले सूख जाते हैं, जिसके लिए प्राकृतिक जल स्रोत गड्ढा खोदकर खोजना पड़ता है। ग्रामीणों को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीण चिलचिलाती धूप में पानी लाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार मांग के बाद भी उनकी समस्या नहीं सुनी गई। सीएम ने कलेक्टर को लगाया फोन
मामले की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिली तो उन्होंने बुधवार को सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन किया और बस्ती के लिए हैंडपंप खनन कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि मैनपाट के बसाहटों सहित सरगुजा के सुदूर इलाकों में 100 हैंडपंप खनन के लिए डीएमएफ मद से स्वीकृति दी गई है। जल्द ही हैंडपंप खनन का काम शुरू किया जाएगा। जिले के 100 से अधिक बसाहटों में पेयजल संकट
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि मैनपाट सहित सरगुजा के दूरस्थ बसाहटों में पेयजल समस्या की शिकायत मिली थी। इसका सर्वे कराया गया। मैनपाट सहित सरगुजा के दूर दराज 100 से अधिक बसाहटों में पेयजल के लिए हैंडपंप की व्यवस्था नहीं होने जानकारी मिली। DMF की बैठक में मैनपाट सहित सुदूर इलाकों के लिए 100 हैंडपंप खनन की स्वीकृति दी गई है। इनमें से अधिकांश तक गाड़ी नहीं पहुंच पाती थी और जलस्तर नहीं था, जिसके कारण हैंडपंप खनन नहीं हो सका है। इस समस्या को जल्द ही लोगों को निजात दिलाई जाएगी।
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