दुर्ग सिटी कोतवाली पुलिस ने अंतर्राज्यीय ठगों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। इन ठगों ने दुर्ग शहर में एक ज्वेलरी दुकानदार को झांसे में लेकर नकली पायल के बदले असली चांदी के जेवर ले लिए थे। आरोपियों ने पुराने चांदी के जेवर को असली बताकर दुकानदार से नया चांदी का पायल लिया और मामूली रकम का अंतर देकर फरार हो गए थे। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब दुकानदार ने रात में जेवर की जांच की। पुलिस के अनुसार, 7 मई 2026 को मधुबन वाटिका, खंडेलवाल कॉलोनी निवासी आशीष जैन ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो व्यक्ति उनकी गया नगर स्थित ज्वेलरी दुकान पर आए। इन व्यक्तियों ने अपने पास रखे पुराने पायल और हाथ का कड़ा दिखाते हुए उन्हें असली चांदी का बताया। इसके बाद उन्होंने इन पुराने जेवरों के बदले नया चांदी का पायल लेने की इच्छा जताई। दुकानदार आशीष जैन आरोपियों की बातों में आ गए। ठगों ने 2200 रुपए का अंतर जमा किया और नया चांदी का पायल लेकर दुकान से चले गए। देर रात दुकान बंद करते समय जब आशीष जैन ने पुराने पायल की जांच की, तो वे नकली धातु के निकले। इसके तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। आरोपियों द्वारा दुकान में दिखाए गए आधार कार्ड और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उनकी पहचान सुनिश्चित की गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन परिसर में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने यात्री प्रतीक्षालय में घेराबंदी कर दोनों ठगों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, पकड़े गए आरोपियों ने नकली पायल देकर असली चांदी का पायल हासिल करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनके कब्जे से एक जोड़ी चांदी का पायल और महावीर ज्वेलर्स की खरीद रसीद बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के रहने वाले राजेश साहू और प्रदीप श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया है।
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