10 मिनट पहलेलेखक: अवधेश आकोदिया
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3 मई को देशभर में NEET UG 2026 की परीक्षा हुई थी। आशंका है कि परीक्षा का पर्चा पहले ही लीक हो गया था। राजस्थान में कई स्टूडेंट्स के पास हाथ से लिखा हुआ गेस पेपर मिला है जिसके सवाल असल परीक्षा से मैच हो रहे हैं।
10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने इंटेल इनपुट पर कार्रवाई करते हुए देहरादून, सीकर और झुंझुनू से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इसमें सीकर के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के जुड़े करियर काउंसकर भी शामिल हैं
720 में से 600 नंबर के सवाल कॉमन
जांच में सामने आया है कि परीक्षा के 720 में से 600 नंबर के सवाल दो दिन पहले ही सीकर में छात्रों के पास पहुंच गए थे। दरअसल, एक गेस पेपर केरल के एक कॉलेज से MBBS कर रहे स्टूडेंट ने 1 मई को सीकर में अपने एक दोस्त को भेज दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक सीकर के एक पीजी संचालक को ये पेपर मिला, जिसने इसे अपने यहां रहने वाले स्टूडेंट्स को दे दिया। इस जरिए से ये अलग-अलग लोगों तक पहुंचा।

पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है।
सभी संदिग्धों की सोशल मीडिया चैट खांगले जा रहे
SOG अभी मामले की जांच कर रही है। एजेंसी मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। सभी संदिग्धों की सोशल मीडिया चैट और कॉल लॉग्स खंगाले जा रहे हैं। दरअसल, ये एक गेस पेपर की तरह लोगों तक पहुंचा है और SOG अभी जांच कर रही है कि इसे पेपर लीक माना जाए या नहीं।
हाथ से लिखे गए हैं सभी क्वेश्चन
स्टूडेंट्स तक जो ‘क्वेश्चन बैंक’ पहुंचा है, उसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल हैं। ये सभी हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET UG 2026 के पेपर में आए।
एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष गेस पेपर से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती।
PG संचालक ने NTA को शिकायत दी, SOG के रडार पर
NEET परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने परीक्षा करवाने वाले एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को ये शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ स्टूडेंट्स को मिला है। यह शख्स भी अब SOG के रडार पर है।
जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि पीजी संचालक को भी परीक्षा से पहले वॉट्सएप पर ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला था, जिसे उसने अपने यहां रहने वाले छात्रों और करियर काउंसलर्स को भेजा।
सरकार जून 2024 में एंटी-पेपर लीक कानून लाई थी
21 जून 2024 को देश में एंटी-पेपर लीक कानून यानी पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 लागू किया गया था। केंद्र सरकार ने आधी रात को इसका नोटिफिकेशन जारी किया था। ये कानून भर्ती परीक्षाओं में नकल और अन्य गड़बड़ियां रोकने के लिए लाया गया है।
इस कानून के तहत, पेपर लीक करने या आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने पर कम से कम 3 साल जेल की सजा होगी। इसे ₹10 लाख तक के जुर्माने के साथ 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
परीक्षा संचालन के लिए नियुक्त सर्विस प्रोवाइडर अगर दोषी होता है तो उसे 5 से 10 साल तक की जेल की सजा और 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना होगा। सर्विस प्रोवाइडर अवैध गतिविधियों में शामिल है, तो उससे परीक्षा की लागत वसूली जाएगी।

इस कानून में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाएं शामिल होंगी। केंद्र के सभी मंत्रालयों, विभागों की भर्ती परीक्षाएं भी इस कानून के दायरे में होंगी। इसके तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।

पेपर लीक करवाने पर एग्जाम सेंटर सस्पेंड होगा
एंटी-पेपर लीक कानून के तहत, अगर किसी गड़बड़ी में एग्जाम सेंटर की भूमिका पाई जाती है तो उस सेंटर को 4 साल तक के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
यानी उस सेंटर को अगले 4 साल तक के लिए कोई भी सरकारी एग्जाम कराने का अधिकार नहीं होगा। किसी संस्थान की संपत्ति कुर्क करने और जब्त करने का भी प्रावधान है और उससे परीक्षा की लागत भी वसूली जाएगी।
कानून के तहत, कोई भी अधिकारी जो DSP या ACP के पद से नीचे न हो, परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की जांच कर सकता है। केंद्र सरकार के पास किसी भी मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की शक्ति है।
NTA ने ट्वीट जारी कर कहा कोई गड़बड़ी नहीं हुई है
10 मई को NEET पेपर लीक की खबरों के बीच NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें जोर देकर कहा गया कि परीक्षा ‘पूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत’ आयोजित की गई थी और यह मामला अब कानून प्रवर्तन द्वारा जांच के अधीन है।
The National Testing Agency is aware of reports concerning the action initiated by the Rajasthan Special Operations Group in connection with alleged irregularities around NEET (UG) 2026. The following is placed on record for the information of candidates, parents, and the public.…— National Testing Agency (@NTA_Exams) May 10, 2026

NEET UG 2024 हुआ था लीक
5 मई को NTA ने NEET UG एग्जाम कंडक्ट करवाया था। परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोप लगे थे।
6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। जिसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।
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