हिमाचल प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटरों को लेकर लोगों की नाराजगी अब अनोखे अंदाज में सामने आने लगी है। शिमला के रोहड़ू में एक बंद पड़ी दुकान का लगातार भारी-भरकम बिजली बिल आने से परेशान हिमाचल फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने स्मार्ट मीटर को धूप दिखाकर उसका ‘पूजन’ किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। अब यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। हरीश चौहान का दावा है कि उनकी दुकान पिछले करीब 10 महीनों से बंद पड़ी है। दुकान का शटर तक नहीं खुला। इसके बावजूद मार्च महीने में 17 हजार 313 रुपए का बिजली बिल आया। उन्होंने इसकी शिकायत बिजली बोर्ड से की और एप्लिकेशन भी दी, लेकिन राहत मिलने के बजाय अप्रैल में बिल और बढ़कर 23 हजार 700 रुपए पहुंच गया। लगातार शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं चौहान का कहना है कि जब दुकान में बिजली इस्तेमाल ही नहीं हो रही, तो इतना भारी बिल कैसे आ सकता है। लगातार शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं मिलने से उन्होंने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। “स्मार्ट मीटर महाराज, कृपा बनाए रखें…” वीडियो में हरीश चौहान हाथ में धूप लेकर स्मार्ट मीटर के सामने खड़े दिखाई देते हैं। वह व्यंग्यात्मक अंदाज में कहते हैं “हे स्मार्ट मीटर महाराज, मैं आपको धूप जलाकर विनम्र निवेदन करता हूं कि पहले आपने बिना बिजली जलाए 17 हजार 313 रुपए का बिल दिया और अब 23 हजार 700 रुपए का बिल भेज दिया। मैंने विभाग में कई बार आवेदन दिए, आग्रह किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसलिए सोचा कि आपको धूप देकर ही मना लूं। कृपा बनाए रखें… अगर अगले महीने भी ऐसा ही बिल आया तो आपको सड़क पर स्थान दिखाऊंगा। स्मार्ट मीटर महोदय, सबको बख्शें।” हरीश चौहान का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर तंज बता रहे हैं, तो कुछ इसे उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी का प्रतीक मान रहे हैं। स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ रही नाराजगी प्रदेश में हाल के महीनों में कई उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें उठाई हैं। हालांकि बिजली बोर्ड का कहना है कि स्मार्ट मीटर पारदर्शी और सटीक रीडिंग देते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कोर्ट जाने की चेतावनी हरीश चौहान ने कहा कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। उनका कहना है कि बंद दुकान पर इतना बड़ा बिल आना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अब यह मामला केवल एक बिजली बिल तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के भरोसे और व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करने लगा है।
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