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अहिरन नदी में दो हादसे, युवक लापता,युवती का शव मिला: ऊंचाई से छलांग के बाद नहीं मिला लड़का, तलाश जारी, लापता थी युवती, शव बरामद – Korba News

अहिरन नदी में दो हादसे, युवक लापता,युवती का शव मिला:  ऊंचाई से छलांग के बाद नहीं मिला लड़का, तलाश जारी, लापता थी युवती, शव बरामद – Korba News

कोरबा जिले की अहिरन नदी में दो अलग-अलग घटनाओं ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पहली घटना में एक युवक नहाते समय नदी में लापता हो गया, जबकि दूसरी घटना में कई दिनों से गायब युवती का शव नदी से बरामद हुआ है। मंगलवार दोपहर निखिल सिंह अपने दोस्तों के साथ विकास नगर आईबीपी क्षेत्र स्थित एनटीपीसी रेलवे पुल के नीचे अहिरन नदी में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि दोस्त ऊंचाई से नदी में छलांग लगा रहे थे। उन्हें देख निखिल ने भी छलांग लगा दी। बाकी दोस्त तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन निखिल पानी से बाहर नहीं आया। देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं घटना के बाद दोस्तों ने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। SECL कुसमुंडा में डंपर ऑपरेटर के बेटे के नदी में लापता होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस और गोताखोरों की टीम युवक की तलाश में जुटी रही, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि एनटीपीसी पुल के नीचे नदी का हिस्सा बेहद गहरा है और यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। दूसरी घटना: लापता युवती का शव मिला इसी अहिरन नदी में बुधवार सुबह निर्मला यादव (24) का शव बरामद किया गया। निर्मला कुसमुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम खमरिया वैशाली नगर की रहने वाली थीं और 9 मई की शाम से लापता थीं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बुधवार सुबह ग्राम खम्हरिया के पास पाली खोड़री बसावट के पीछे नदी में शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौत की वजह अब भी रहस्य पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल निर्मला यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। खतरनाक नदी, फिर भी नहीं सुरक्षा इंतजाम स्थानीय लोगों का कहना है कि अहिरन नदी का एनटीपीसी पुल और आसपास का इलाका काफी गहरा और खतरनाक माना जाता है। इसके बावजूद यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। लगातार हादसों के बाद भी लोग यहां नहाने पहुंचते हैं, जिससे हर साल दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।



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