पानीपत की जिला अदालत ने अलग-अलग मामलों में सुनवाई के दौरान अदालत से गैर-हाजिर रहने और बार-बार बुलाने के बावजूद पेश न होने वाले चार आरोपियों को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC) डॉ. तरुण कुमार वर्मा की अदालत ने इन आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित थाना प्रभारियों को उनके खिलाफ नई FIR दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं। कोर्ट के निर्देशों पर सिटी थाना पुलिस ने चार अलग-अलग केस दर्ज कर लिए हैं। इन आरोपियों को घोषित किया गया भगोड़ा BNS की नई धाराओं के तहत दर्ज होगा मामला अदालत ने सभी मामलों में स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 84 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 209 के तहत नए मुकदमे दर्ज करने के लिए संबंधित एसएचओ (SHO) को सूचना भेज दी गई है। यह धाराएं अदालती आदेशों की अवहेलना करने और भगोड़ा होने से संबंधित हैं। संपत्ति कुर्क करने के आदेश अदालत ने इन सभी मामलों में अगली सुनवाई की तारीखें तय कर दी हैं। अब पुलिस और शिकायतकर्ता को इन घोषित अपराधियों की चल-अचल संपत्ति की सूची अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आरोपी तब भी पेश नहीं होते हैं, तो अदालत उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।
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