उपतहसील मुख्यालय टोडरा में पिछले 26 दिनों से आबादी क्षेत्र में आतंक मचा रहे पैंथर को बुधवार रात वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। पैंथर के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने मंगलवार देर रात 100 क्वार्टर कॉलोनी निवासी 75 साल की बुजुर्ग के बकरे के शिकार की सूचना मिली थी। विभाग ने उसी स्थान के पास पिंजरा लगाया। पिंजरे में मृत बकरे को शिकार के रूप में रखा गया था। शाम 6 बजे लगाए गए पिंजरे में रात करीब 8 बजे पैंथर कैद हो गया। मंगलवार रात 100 क्वार्टर कॉलोनी में बिजली गुल होने के दौरान पानी की टंकी के पास पैंथर देखा गया था। बच्चियों के शोर मचाने पर वह भाग गया। सुबह ग्रामीणों को खून के निशानों के आधार पर झाड़ियों में बकरे का क्षत-विक्षत शव मिला। इस घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई थी। लगातार बढ़ रही घटनाओं के मद्देनजर फलौदी रेंज के रेंजर विजय मीणा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने सक्रियता दिखाई। टीम ने शिकार स्थल के पास पिंजरा लगाया, जिसमें रात करीब 8 बजे पैंथर कैद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिंजरे में बंद होने के बाद नर पैंथर लगातार गुर्राता रहा। उसकी आवाज सुनकर आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए, हालांकि दहशत के कारण उन्होंने दूरी बनाए रखी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 25 दिनों में पैंथर को 17 से अधिक बार 100 क्वार्टर, 400 क्वार्टर कॉलोनी, मुख्य बाजार, बालाजी मंदिर क्षेत्र, मकानों की छतों और पशुबाड़ों के आसपास देखा गया था। इस कारण महिलाएं शाम के बाद घरों से निकलने से कतरा रही थीं, किसान जल्दी खेतों से लौट रहे थे और पशुपालक अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
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