मालवीय नगर थाना में दर्ज एक बहुचर्चित आईटी धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने आरोपी जितेंद्र जैन को मंगलवार को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं मामले का दूसरे आरोपी संदीप अग्रवाल और अजीत जैन अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने ये मामला आईटी एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। पीड़ित अरूण गोयल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी कंपनी के पूर्व कर्मचारियों ने विश्वासघात कर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की। आरोपी कंपनी में उच्च पदों पर कार्यरत थे रिपोर्ट के अनुसार, अरूण गोयल की आईटी कंपनी में कार्यरत रहे जितेंद्र जैन, संदीप अग्रवाल और अजीत जैन लंबे समय तक कंपनी में उच्च पदों पर कार्यरत थे। इसी दौरान उन्होंने कथित रूप से आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए “इन्वेंट कोलेप्स इन्फोटेक प्रा. लि.” नाम से नई कंपनी बनाई। आरोप है कि इस कंपनी में आरोपियों की माताओं और परिजनों को निदेशक बनाकर डमी डायरेक्टर के रूप में इस्तेमाल किया गया। कंपनी के नाम पर अन्य खातों में रकम ट्रांसफर करवाई पीड़ित अरूण गोयल का आरोप है कि आरोपियों ने कंपनी के गोपनीय सॉफ्टवेयर, डेटा और ग्राहकों की जानकारी चुराकर उसी प्रकार का व्यवसाय शुरू कर दिया। इसके बाद ग्राहकों को भ्रमित कर कंपनी के नाम पर अन्य खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई। शिकायत में दावा किया गया है कि इस पूरी साजिश से परिवादी को करीब दो करोड़ रुपए से अधिक की आर्थिक हानि हुई। विदेशी ग्राहक से 45 हजार डॉलर की राशि अन्य खातों में ट्रांसफर करवाई एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया कि एक विदेशी ग्राहक से करीब 45 हजार डॉलर की राशि कथित रूप से अन्य खातों में ट्रांसफर करवाई गई। आरोपियों पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और ग्राहकों को भ्रामक जानकारी देकर धन हड़पने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने आरोपियों से संपर्क कर जानकारी लेने का प्रयास किया तो उन्हें धमकियां दी गईं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपी जितेंद्र जैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि संदीप अग्रवाल और अजीत जैन की तलाश जारी है।
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