नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नीट पेपरलीक मामले में केंद्र और बीजेपी पर सवाल उठाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की है। जूली ने कहा- आज ऐसे लोग सत्ता में बैठे हैं वो जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। पिछले तीन साल से लगातार NEET का पेपर लीक हो रहा है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं। मेरी पहली मांग है कि शिक्षा मंत्र को इस्तीफा देना चाहिए और बच्चों से माफी मांगनी चाहिए। क्यों बड़े-बड़े सपने दिखाते हैं और क्यों उन्हें पूरा नहीं करते? जूली ने कहा- यह NTA क्यों बनाई गई, किसलिए बनाई गई? देश के युवाओं को यही सपना दिखाकर बनाई गई थी ना कि हम इसमें पेपर लीक नहीं होने देंगे। केंद्र सरकार पेपर लीक के मामलों में शतक के आसपास पहुंच रही है और जवाबदेही जीरो है। जूली ने कहा- शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जो कह रहे हैं फोटो खिंच गई कोई बात नहीं है, पेपर लीक हो गए कोई बड़ी बात नहीं है। एक दर्जन से अधिक भाजपा नेताओं के साथ आरोपी की फोटो है। सीधा सवाल है कि नौ दिन तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई। कौन जिम्मेदार है किसकी जवाबदेही है? पेपर लीक माफिया को बचाने का क्यों काम कर रहे थे। कौन वो थानाधिकारी है जिसके पास एप्लिकेशन आई उसने ऊपर अधिकारियों से पूछा होगा उसके बाद रिपोर्ट नहीं दर्ज करने दी। राजस्थान में पेपरलीक पर केंद्र से कड़ा कानून, यहां इसीलिए एफआईआर नहीं की जूली ने कहा- आप किस पर कार्रवाई करेंगे ? कौन बड़े लोग शामिल हैं जिसका पेपर लीक माफिया नाम ले रहे हैं कि हम तो छोटी मछली हैं, बड़े जो मगरमच्छ हैं वो दूसरे हैं उन पर कार्रवाई कीजिए। राजस्थान में पेपरलीक के खिलाफ कड़ा कानून है। अगर राजस्थान में एफआईआर दर्ज होती तो केंद्र से 10 गुना मजबूत कानून है ,यहां आजीवन कारावास और 10 करोड़ का जुर्माना है। इसी वजह से शायद यहां एफआईआर दर्ज नहीं की। बीजेपी के लोग इसमें शामिल थे इसलिए बचाने का काम किया। आपने तो नीट को भी पेपर लीक नहीं माना था। एसओजी कह रही है कि नहीं नहीं ये तो गैस पेपर था तो ऐसा कौन सा भविष्यवक्ता आ गया जो पूरा गैस कर रहा है।
Source link
