संगरूर में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने डीसी कार्यालय के सामने केंद्र सरकार का पुतला फूंका। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पानी के मुद्दों पर पंजाब सरकार पर दबाव बना रही है और राज्य को उसके जल अधिकारों से वंचित करने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि पंजाब तेजी से रेगिस्तान में बदल रहा है। भूजल के लगातार दोहन से जल संसाधन लगभग खत्म होने की कगार पर हैं। इसके अलावा, रिश के कारण हर साल हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है। किसानों का आरोप- उन्हें गरीबी की ओर धकेला जा रहा किसानों ने आरोप लगाया कि पानी के मुद्दों पर कोई ठोस नीति न होने के कारण वे गरीबी की ओर धकेले जा रहे हैं। उन्होंने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के माध्यम से केंद्र सरकार पर पंजाब को उसके पानी के अधिकार से वंचित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। पानी और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर संयुक्त किसान मोर्चा ने मोहाली में एक रैली आयोजित की थी और राज्यपाल निवास की ओर मार्च करने की योजना बनाई थी। किसानों का दावा है कि यह मार्च शांतिपूर्ण ढंग से निकाला जा रहा था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोका। इस दौरान किसानों पर लाठीचार्ज किया गया और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई किसान घायल हो गए। संघर्ष तेज करने की चेतावनी किसान नेताओं ने कहा कि उन्होंने पूरी तरह शांति और भाईचारा बनाए रखा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करेंगे।
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