बैतूल के मुलताई स्थित अंबेडकर वार्ड में शनिवार रात घर की पहली मंजिल से गिरने के बावजूद डेढ़ साल की बच्ची सुरक्षित बच गई। उसे तत्काल क्रिश मेमोरियल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई। जानकारी के अनुसार, घायल बच्ची का नाम भानू है, जो लक्ष्मण बगाहे की बेटी है। यह घटना रात करीब 8 बजकर 4 मिनट पर हुई। परिजनों ने बताया कि बच्ची घर की बालकनी और छत के पास खेल रही थी, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्ची के गिरते ही परिवार के सदस्य और आसपास मौजूद लोग घबराकर उसकी ओर दौड़े। कुछ ही क्षणों में इलाके में भीड़ जमा हो गई और बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। दो तस्वीरों में देखिए घटनाक्रम… बच्ची को केवल मामूली खरोंचें आई
डॉक्टरों के मुताबिक, इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद बच्ची को केवल मामूली खरोंचें आई हैं। उसकी हालत पूरी तरह सामान्य है और उसे खतरे से बाहर बताया गया है। स्थानीय लोग बच्ची के सुरक्षित बचने को लेकर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि यदि गिरने का तरीका थोड़ा भी अलग होता तो गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद मोहल्ले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों ने अभिभावकों से छोटे बच्चों को छत, बालकनी और सीढ़ियों के आसपास अकेला न छोड़ने की अपील की। गमले से टकराने पर बची जान
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हादसे को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि डेढ़ साल की बच्ची भानू अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद पहली मंजिल से नीचे गिरती है। गिरते समय बच्ची का शरीर सीधे सिर के बल जमीन पर नहीं गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यदि बच्ची दीवार की ओर सिर की पोजिशन में गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था। गिरते समय बच्ची के पैर नीचे रखे एक गमले से हल्के टकराए, जिससे गिरने की गति और असर कुछ कम हो गया। इसके बाद बच्ची जमीन पर गिरी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यही वजह रही कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद बच्ची को गंभीर चोट नहीं आई। डॉक्टरों ने भी इसे बेहद राहत भरी स्थिति बताया है। घटना के बाद आसपास के लोगों ने घरों की बालकनी और छतों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की जरूरत बताई है।
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