रतलाम जिले के नामली के गैरेज संचालक जीवन दास बैरागी का शव 13 सितंबर की शाम महू-नीमच फोरलेन रोड पर ग्राम सरवड़ जमुनिया के पास पेड़ से लटका मिला था। पुलिस ने जांच के बाद जीवनदास की पत्नी माया बैरागी और उसके साथी कारु उर्फ आशाराम भूरिया को आत्महत्या के
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मृतक के परिजनों ने पहली ही दिन हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने मृतक के भाई और अन्य रिश्तेदारों के बयान लिए। जांच में सामने आया कि जीवनदास की पत्नी माया बैरागी के डोसीगांव फैक्ट्री में साथ काम करने वाले कारु उर्फ आशाराम भूरिया (निवासी सनावदा, रतलाम) से संबंध थे।
पत्नी बच्चों को लेकर घर से चली गई थी माया बैरागी 3 सितंबर को अपनी तीन बेटियों को लेकर घर छोड़कर चली गई थी। इसी बात से जीवनदास बहुत परेशान हो गया था। उसने घरवालों को बताया था कि वह माया और उसके प्रेमी आशाराम से काफी परेशान है।
मां के साथ मृतक जीवनदास बैरागी।
मौत से 3 दिन पहले कही थी बात 10 सितंबर को जीवनदास ने घरवालों से कहा था कि “माया मेरी बच्चियों को ले गई है। मैं उन्हें ढूंढकर घर वापस लाऊंगा। मैं दोनों से बहुत परेशान हो गया हूं।”
शव मिलने के बाद अगले दिन परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को एंबुलेंस में रखकर नामली थाने पर जांच की मांग भी की थी।
बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान ने बताया कि मृतक की पत्नी माया बैरागी और उसके प्रेमी कारु उर्फ आशाराम भूरिया को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
