आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज स्थित पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के B.V. Sc छात्रों को पहली बार राज्य सरकार की ओर से इंटर्नशिप भत्ता मिलने जा रहा है। इस फैसले से छात्रों में खुशी का माहौल है। महाविद्यालय में अध्ययनरत B.V. Sc के छात्रों को अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई इंटर्नशिप भत्ता नहीं मिल रहा था। केवल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की ओर से 6 माह तक 3 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती थी। लंबे समय से छात्र इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे थे और कई बार धरना प्रदर्शन भी कर चुके थे। अब सरकार के इस फैसले से उनकी मांग पूरी होती नजर आ रही है। इंटर्नशिप इंचार्ज एवं पशु औषधि विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि महाविद्यालय में बीबीएससी की कुल 88 सीटें हैं। इनमें 80 सीटों पर विश्वविद्यालय यूपी कैटेट के माध्यम से प्रवेश देता है, जबकि 8 सीटें आईसीएआर के जरिए भरी जाती हैं। वर्तमान समय में 71 छात्र इंटर्नशिप कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीबीएससी एंड एएच का पाठ्यक्रम साढ़े पांच वर्ष का होता है, जिसमें एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल है। डॉ. सिंह ने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ अन्य राज्यों में भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। वहां छात्र पशुपालन, पशु चिकित्सा सेवाओं और ग्रामीण पशु स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां प्राप्त करते हैं। इंटर्नशिप के दौरान एक माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जाता है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों के वेटरनरी कॉलेजों में छात्रों को पहले से इंटर्नशिप भत्ता मिल रहा था, लेकिन उत्तर प्रदेश में यह सुविधा नहीं थी। इसी कारण आईसीएआर के छात्र यहां प्रवेश लेने से बचते थे और कई सीटें खाली रह जाती थीं। अब भत्ता बढ़ने और राज्य सरकार की ओर से सहायता मिलने के बाद आईसीएआर के छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है तथा सीटें खाली नहीं रहेंगी।महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1999 में हुई थी, जबकि पहला बैच वर्ष 2004 में पासआउट हुआ था।
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