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हरभजन की सुरक्षा मामले में सरकार को हाईकोर्ट की फटकार: कहा-मामले को लेकर कतई गंभीर नहीं; 27 मई को होगी सुनवाई – Chandigarh News

हरभजन की सुरक्षा मामले में सरकार को हाईकोर्ट की फटकार:  कहा-मामले को लेकर कतई गंभीर नहीं; 27 मई को होगी सुनवाई – Chandigarh News

क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा के मामले में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस गंभीर मामले को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।
पिछली सुनवाई में साफ निर्देश के बावजूद बुधवार को जब सरकारी वकील ने फिर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर अदालत ने कहा कि पहले जब समय दिया जा तो आज फिर समय मांगने का क्या औचित्य है। हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अगले बुधवार (27 मई 2026) तक का अंतिम अवसर दिया है। 2 प्वाइंटों में जानिए आज की सुनवाई
1-जब सुनवाई शुरू हुई तो हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार द्वारा इस मामले में विस्तृत लिखित जवाब दाखिल करने में बार-बार की जा रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई और फटकार लगाई।
इस दौरान अदालत ने पंजाब को अगले बुधवार (27 मई 2026) तक हर हाल में अपना फाइनल जवाब पेश करने का आखिरी और अंतिम अवसर दिया है।
2-हाई कोर्ट ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि अगले बुधवार तक सरकार का जवाब नहीं आया, तो पंजाब पुलिस के एडीजीपी (सुरक्षा) को खुद कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा। कोर्ट ने अपना अंतरिम आदेश बरकरार रखा है कि केस चलने तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की शारीरिक सुरक्षा में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। अब तक के सारे मामले को जानिए इस मामले की शुरुआत 25 अप्रैल 2026 को हुई थी। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन पंजाब सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा अचानक वापस ले ली। आरोप है कि यह फैसला बिना किसी नए खतरे के आकलन और बिना नोटिस के लिया गया। घर के बाहर प्रदर्शन कर लिखा ‘गद्दार’ इसके बाद जालंधर स्थित उनके घर के बाहर प्रदर्शन हुआ और दीवारों पर ‘गद्दार’ लिख दिया गया। इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए हरभजन सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की। पहली सुनवाई में ही हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे। 3 बार हो चुकी सुनवाई अब तक इस मामले में तीन अहम सुनवाई हो चुकी हैं। पहली 30 अप्रैल को हुई, दूसरी मई के दूसरे हफ्ते में हुई जिसमें कोर्ट ने 15 ‘अनऑफिशियल’ पुलिसकर्मियों की तैनाती पर सवाल उठाए, जबकि तीसरी सुनवाई आज हुई। जिसमें जवाब दाखिल न करने पर पंजाब सरकार को फटकार लगाई गई।



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