बिहार और झारखंड को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित नवादा-गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। रेलवे मंत्रालय ने बिहार के जिन 29 नई रेलवे लाईन के सर्वे को लेकरमंजूरी दी है। उसमें इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भी शामिल किया गया है
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रेलवे लाइन के एलाइनमेंट तथा प्रारंभिक इंजीनियरिंग-सह-यातायात सर्वेक्षण को मंजूरी मिली है। इस निर्णय को गिरिडीह जिले के लिए विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रस्तावित रेल मार्ग बिहार के नवादा से शुरू होकर झारखंड के कोडरमा जिले के सतगावां होते हुए गिरिडीह जिले के गावां और तिसरी प्रखंड से गुजरते हुए जिला मुख्यालय गिरिडीह तक पहुंचेगा। इस परियोजना के भविष्य में पारसनाथ क्षेत्र से जुड़ने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे धार्मिक पर्यटन और अधिक मजबूत होगा।
करीब 130 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य के लिए 2.67 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर आगे बजट में और वृद्धि की जाएगी।
सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसी द्वारा विस्तृत डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिसे रेलवे मंडल को सौंपा जाएगा।
लाइन बनने से गिरिडीह से गया का होगा सीधा कनेक्ट सर्वे के बाद यदि रेलवे की ओर से इस रेल लाइन के बिछाने का कार्य शुरू किया जाता है, तो गिरिडीह जिला मुख्यालय से लेकर जिले के ग्रामीण इलाकों के लोगों का सीधा संपर्क गया से हो जाएगा।
अभी तक जिले के लोगों को दिल्ली, मुंबई आदि स्थानों के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए कोडरमा जाना पड़ता है, लेकिन यह प्रस्तावित रेल लाइन एक बेहतर विकल्प के रूप में विकसित होगी। इससे खासकर गावां, तिसरी और देवरी इलाके के लोगों को गया तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। एक तरह से ग्रामीण इलाकों के लोगों के साथ-साथ गिरिडीह शहर के लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
लाइन से ग्रामीण इलाकों को मिलेगी नई लाइफलाइन प्रस्तावित नवादा–गिरिडीह नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण के बाद गिरिडीह जिले के ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस रेल लाइन से जिले के गावां, तिसरी और देवरी जैसे दूरस्थ प्रखंड पहली बार सीधे रेल संपर्क से जुड़ जाएंगे, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार होगा। नई लाइफ लाइन मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा काफी आसान हो जाएगी।
इससे न केवल बिहार और झारखंड के बीच यात्रा सुगम होगी, बल्कि समय और लागत दोनों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। रेल संपर्क स्थापित होने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। छोटे व्यापारियों को अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। युवाओं को बेहतर संभावनाएं मिल सकेंगी।
