जींद पुलिस ने लोगों को कम समय में पैसे दोगुने-तिगुने करने का झांसा देने वाले एक अंतर-जिला ‘नोट डबलिंग’ गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सदर नरवाना पुलिस ने नेशनल हाईवे-352 पर बेलरखां गांव के पास से तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर एक स्विफ्ट गाड़ी से आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय उर्फ तेजा (फतेहाबाद), अनिल (कैथल) और सौरब (करनाल) के रूप में हुई है। यह गिरोह लोगों से असली करेंसी लेता था और उन्हें नकली नोटों की गड्डियां थमा देता था। इन गड्डियों में ऊपर और नीचे 500-500 के असली नोट होते थे, जबकि बीच में उसी आकार के कोरे सफेद कागज भरे होते थे। पुलिस ने एएसआई महाबीर प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम गठित की। मुख्य सिपाही सरबिन्द्र सिंह को ‘बोगस ग्राहक’ बनाकर 10,000 रुपये के साथ आरोपियों के पास भेजा गया। डील पक्की होते ही बोगस ग्राहक ने मोबाइल की लाइट जलाकर पुलिस को इशारा किया। झाड़ियों में छिपी पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को उनकी गाड़ी (HR-90A-4890) समेत दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनकी गाड़ी से एक बैग मिला। बैग में ठगी के लिए तैयार 41 नकली गड्डियां और 17 बड़े पैकेट बरामद हुए। प्रत्येक पैकेट में 10-10 गड्डियां थीं, जिनके ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में पेंसिल-रंगों से डिजाइन किए गए 98 सफेद कागज थे। पुलिस द्वारा भेजे गए 10,000 रुपये भी मुख्य आरोपी से बरामद किए गए। पुलिस ने मौके पर वीडियोग्राफी कर उसे ‘ई-साक्ष्य’ (e-Sakshya) ऐप पर अपलोड किया। आरोपियों के खिलाफ थाना सदर नरवाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 316(2), 318(4), 112 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क की आगे जांच कर रही है।
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