हिमाचल प्रदेश में बिजली बोर्ड में अफसरों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। बिजली बोर्ड के चेयरमैन संजय गुप्ता ने इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो से की है। उन्होंने बिजली बोर्ड के कई अधिकारियों के नाम दर्ज है।
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चेयरमैन की शिकायत पर मैसर्स गिलवर्ट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने बिजली कनेक्शन और अन्य मामलों में अनियमितताएं की हैं, जिससे बोर्ड को 11.84 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
नहीं किया गया खातों का मिलान
सूचना के अनुसार, पहले उन्होंने ACS होम से जांच की मांग की थी, जांच के दौरान पता चला कि मैसर्स गिलवर्ट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड को बिजली का पुनः कनेक्शन देने में अनियमितताएं की गई थीं। इसके अलावा, बोर्ड के अधिकारियों ने फैक्टरिंग कंपनी/स्टील फर्नेस को अनुचित लाभ पहुंचाया था।
जांच में यह भी पता चला कि बकाया राशि की जांच जल्दबाजी में की गई थी और खातों का मिलान नहीं किया गया था। इससे बोर्ड को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।
चेयरमैन की शिकायत पर हिमाचल प्रदेश विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में तत्कालीन इंजीनियर राजेश कुमार ठाकुर, तत्कालीन मुख्य अभियंता (संचालन), इंजीनियर अनूप धीमान, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (संचालन) और इंजीनियर वाईआर शर्मा, तत्कालीन मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, मैसर्स गिलवर्ट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभिन मौदगिल और उमेश मौदगिल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
