बिहार में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग को लेकर आज(शनिवार) पटना में छात्रों का प्रदर्शन है। उससे पहले 3 अक्टूबर को देर रात दरभंगा पुलिस ने लहेरियासराय स्थित आवास से छात्र नेता दिलीप कुमार को हिरासत में लिया है। इ
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छात्र नेता दिलीप कुमार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें पुलिस बिना कोई ठोस कारण बताए थाने ले गई है। पटना पुलिस ने उनके प्रचार वाहन को जब्त कर लिया है। चार साथियों को भी हिरासत में लेकर पटना कोतवाली थाने लेकर गई है।
वीडियो संदेश में दिलीप कुमार ने शिक्षक अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग डटे रहिए, शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखिए। आज (4 अक्टूबर) सुबह 11:30 बजे सभी कैंडिडेट पटना कॉलेज से मार्च शुरू करें।
छात्र नेता को हिरासत में लेने पहुंची पुलिस
बिहार सरकार ने हाल ही में करीब 26 हजार पदों पर शिक्षक नियुक्ति की घोषणा की है, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि चौथे चरण (TRE-4) की भर्ती प्रक्रिया की अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई। छात्रों का आरोप है कि सरकार जान-बूझकर प्रक्रिया में देरी कर रही है, जबकि कुछ ही दिनों में चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि नोटिफिकेशन तुरंत जारी किया जाए ताकि भर्ती प्रक्रिया पर कोई असर न पड़े।
छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश
छात्र नेता रौशन कुमार ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं से डरी और सहमी हुई है। शिक्षा मंत्री बार-बार झूठ बोलकर अभ्यर्थियों को गुमराह कर रहे हैं। सरकार जानती है कि चुनावी माहौल में यह मुद्दा भारी पड़ सकता है, इसलिए बड़े आंदोलन से पहले ही प्रमुख छात्र नेता दिलीप कुमार को हिरासत में लिया गया है। यह छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश है।
लोकतंत्र के खिलाफ कार्रवाई
समाजसेवी डॉ. रमण राजेश ने बताया कि शनिवार देर शाम सिविल ड्रेस और वर्दीधारी पुलिस के अचानक दिलीप कुमार के आवास पहुंचे और उन्हें पकड़कर ले गए। हम लोग वहीं बैठे थे, अचानक पुलिस ने दिलीप को उठा लिया। उन्हें कहां ले जाया गया, इसकी कोई जानकारी परिवार को नहीं दी गई। यह लोकतंत्र के खिलाफ कार्रवाई है।

सांसद गोपाल जी ठाकुर से अपनी बात रखते हुए छात्र नेता।
पुलिस को कोई जानकारी साझा नहीं कर रही है
छात्र नेता के भतीजे अनीश कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें यह तक नहीं बताया कि दिलीप कुमार को कहां रखा गया है। हम लोग थाने पहुंचे लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हम केवल उनके सोशल मीडिया चैनल पर वीडियो देखकर समझ पाए कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है।
परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि दिलीप कुमार दरभंगा केवल अपनी सास को देखने आए थे, जो एक्सीडेंट में घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। इसी दौरान पुलिस उन्हें उठा ले गई। हमें कोई सूचना नहीं दी गई कि उन्हें कहां ले जाया गया है। इतनी बड़ी कार्रवाई परिवार को बताए बिना क्यों की गई, यह सवाल उठता है।
