जनगणना को लेकर समीक्षात्मक बैठक
नालन्दा जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण का शंखनाद हो गया है। जिसके तहत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने डोर-टू-डोर मकान सूचीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्वगणना की निर्धारित समय सीमा शुक्रवार को समाप्त होने के बाद अब प्रगणक धरातल पर उतरकर आंकड़ों के स
.
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी नवल किशोर रजक ने बताया कि कुल 75 हजार 911 लोगों ने निर्धारित वेब पोर्टल पर स्वगणना के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी और 33 मूलभूत प्रश्नों का विवरण दर्ज किया है। अब प्रगणकों का मुख्य कार्य 31 मई तक इन आंकड़ों का घर-घर जाकर सत्यापन करना और मकानों की सूची तैयार करना होगा। इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए जिले भर में 5399 प्रगणक और 923 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। जिन्हें नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और आवश्यक गणना सामग्री पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है।
अधिकारियों ने आम जनता से सही जानकारी देने की अपील की है।
मौके पर ही सुधार किया जाएगा
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस बार जनगणना का पूरा स्वरूप डिजिटल रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी। जब प्रगणक घरों पर पहुंचेंगे, तो नागरिकों को अपनी विशिष्ट स्व-गणना पहचान संख्या (एसई आईडी) साझा करनी होगी। अगर पोर्टल पर दर्ज विवरण रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे स्वीकार कर लिया जाएगा। किसी भी त्रुटि की स्थिति में प्रगणक मौके पर ही सुधारे करेंगे।
आम जनता से सहयोग की अपील
गणना की यह प्रक्रिया दो चरणों में विभाजित की गई है, जिसमें वर्तमान में जारी पहले चरण में केवल मकानों का सूचीकरण किया जा रहा है, जबकि जनसंख्या की मुख्य गणना दूसरे चरण में नौ से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित की जाएगी।
अधिकारियों ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर सहयोग करें, ताकि जिले के सटीक आंकड़े एकत्रित किए जा सकें। रहुई के अम्बा पंचायत में शनिवार को पहुंचे कर्मियों ने मकानों पर नंबर अंकित करने और सूचीकरण की प्रक्रिया को गति दी, जो आने वाले एक महीने तक निरंतर जारी रहेगी।
