राव इंद्रजीत का नाम संदीप सुसाइड मामले से जुड़ा है और वह विदेश जा चुका है। इनसेट में ASI संदीप लाठर की फाइल फोटो।
हरियाणा के रोहतक जिले में एएसआई संदीप लाठर के सुसाइड केस में म्यूजिक कंपनी जेम्स ट्यून्स के मालिक राव इंद्रजीत के कनेक्शन का रहस्य गहराता जा रहा है। संदीप लाठर ने अपने सुसाइड नोट और आखिरी वीडियो में राव इंद्रजीत पर पुलिस अफसरों के साथ 50 करोड़ की डील
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दैनिक भास्कर ऐप की टीम से बातचीत में राव इंद्रजीत ने बताया कि वह जनवरी में ही विदेश चला गया था। उसने कहा कि 20 जनवरी को उसके घर इनकम टैक्स की रेड हुई थी, जिसमें 50 से अधिक पुलिसवाले शामिल थे।
इंद्रजीत ने दावा किया कि सभी पुलिसकर्मी लूट के इरादे से घर में आए थे और डीवीआर तक उखाड़कर ले गए। इसी वजह से वह जान बचाकर वहां से भागा। उसका कहना है कि एएसआई संदीप लाठर की सुसाइड से उसका कोई लेना-देना नहीं है और पुलिस जानबूझकर उसे फंसाने की कोशिश कर रही है।
इस पूरे मामले में पुलिस अफसर नरेंद्र बिजारणिया, राजेश फोगाट और नरेंद्र चौहान के नाम भी सामने आए हैं। राव इंद्रजीत ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए एक प्रेस नोट भी जारी किया है, जो उसने वॉट्सऐप पर साझा किया। राव इंद्रजीत का छोटा भाई रिंकू बॉस रेवाड़ी जिले के गांव बेरली कला का मौजूदा सरपंच है।
पहले जानिए सुसाइड नोट में किस डील का जिक्र मरने से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो और सुसाइड नोट में एएसआई संदीप लाठर ने लिखा— वाई. पूरन कुमार एक भ्रष्ट पुलिस अफसर था, जिसने सदर थाने के एक मर्डर केस में पैसे लिए। उसने राव इंद्रजीत को बचाने के लिए 50 करोड़ रुपए की डील की। इस दौरान ईमानदार अफसर नरेंद्र बिजारणिया ने इसका विरोध किया और डील के आगे झुके नहीं।
अब जानिए कौन है राव इंद्रजीत राव इंद्रजीत सिंह मूल रूप से
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव बेरली कलां के रहने वाले हैं। फिलहाल वह कई सालों से गुरुग्राम में रह रहे हैं। वह गुरुग्राम से सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक माने जाते हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर मंत्री राव इंद्रजीत और नायब सरकार में कैबिनेट मंत्री आरती राव के साथ कई तस्वीरें मौजूद हैं।

जानिए राव इंद्रजीत ने जारी किए प्रेसनोट में क्या लिखा..
- मैं हर स्तर पर जांच को तैयार: इंद्रजीत ने प्रेसनोट में लिखा कि मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मेरे विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। मैं कानून और न्याय व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखता हूं और संबंधित प्राधिकरणों को हर स्तर पर पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मेरा किसी भी प्रकार के अपराध, षड्यंत्र या किसी आपराधिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। दुर्भाग्यवश कुछ व्यक्ति और समूह, जिनका पुलिस अधिकारियों और फाइनेंसरों के साथ गहरा गठजोड़ है, मेरे नाम और प्रतिष्ठा को धूमिल करने की सुनियोजित साजिश रच रहे हैं।
- डीजी साहब को दे चुका हूं शिकायत : प्रेसनोट में लिखा कि मैं पहले भी कई बार वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषकर डीजी साहब को लिखित शिकायतें दे चुका हूं, जिनमें बताया गया था कि कुछ पुलिस अधिकारी अपराधियों और फाइनेंसरों के साथ मिलकर अवैध गठजोड़ चला रहे हैं। इन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, उल्टा उन्हीं प्रभावशाली तत्वों के दबाव में मुझे 4-5 झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की गई। इन मामलों में मेरा कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के साथ इंद्रजीत सिंह व उसका भाई रिंकू बॉस। – फाइल फोटो
- मुझे व मेरे परिवार को जान का खतरा: इंद्रजीत ने लिखा, इस गठजोड़ के चलते न केवल मुझे, बल्कि मेरे परिवार के जान को भी खतरा है। इन लोगों ने मुझे कई बार प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से धमकियां दी हैं। मैंने हर बार इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन जब वरिष्ठ अधिकारी ही इस गठजोड़ का हिस्सा हों, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? मुझे दिवंगत आईजी पूरन सिंह जी और SI संदीप कुमार की आत्महत्या की घटनाओं का गहरा दुख है।
- मेरा नाम साजिश का हिस्सा : इंद्रजीत ने बताया कि एक गंभीर प्रश्न यह है कि आईजी साहब की आत्महत्या के बाद ऐसा क्या दबाव संदीप कुमार पर पड़ा कि उन्हें भी आत्महत्या करनी पड़ी और उन्होंने अपने अंतिम वक्तव्य में मेरा ही नाम क्यों लिया? यह एक बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है, जो किसी को बचाने और कुछ सच्चाइयों को दबाने की कोशिश है। इंद्रजीत ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाते हुए लिखा कि मैं जांच एजेंसियों से अनुरोध करता हूं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, उच्च-स्तरीय और स्वतंत्र जांच करवाई जाए।
- मुख्यमंत्री और डीजीपी को लेटर लिखूंगा : इंद्रजीत ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी जी इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे। डीजीपी ओपी सिंह जी इस प्रकरण की जांच डिस्ट्रिक्ट पुलिस के बजाय विजिलेंस, सीआईडी या सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाएंगे, ताकि बिना किसी प्रभाव के निष्पक्ष जांच हो सके। मैं इस विषय पर मुख्यमंत्री एवं डीजीपी साहब को औपचारिक रूप से पत्र भी भेजूंगा।

राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि वह कभी वाई पूरन सिंह से नहीं मिला। – फाइल फोटो
गैंगवार से भी जुड़ा है राव इंद्रजीत का नाम केंद्रीय मंत्री के करीबी राव इंद्रजीत सिंह का नाम सिंगर राहुल फाजिलपुरिया पर पिछले महीने गुरुग्राम में हुई फायरिंग के बाद भी सामने आया था। इस मामले में फायरिंग की जिम्मेदारी लेने वाले एक गैंग ने सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में राव इंद्रजीत सिंह को भी टैग किया था। इसी साल राव इंद्रजीत सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने छापेमारी भी की थी। विभाग ने उनके बैंक खाते कई दिनों तक सीज रखे। हालांकि, इस रेड में आयकर विभाग को क्या गड़बड़ी मिली, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
