लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयवाद का 130 दिनों से धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे किसानों ने लखनऊ विकास प्राधिकरण पर नाराजगी जताई । मुआवजे की मांग को लेकर चिनहट स्थित कार्यालय पर लगातर प्रदर्शन जारी है। किसानों ने जिल
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40 सालों से मुआवजे की मांग
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि अब जब तक मांग पूरी नहीं हो जाएगी हम लोग उठने वाले नहीं है। यह लड़ाई आर पार की हो गई है। किसान नेता अशोक यादव ने कहा कृषि प्रधान देश में किस दर-दर की ठोकर खा रहा है । 40 वर्ष पूर्व 1984 में हमारी जमीन लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अधिकृत कर ली थी। इसके बाद से लगातार संघर्ष जारी है।
‘कोर्ट के आदेश का पालन नहीं’
उन्होंने बताया कि उस समय 84 पैसे के हिसाब से मुआवजा तय हुआ। हम लोगों ने फिर वार्ता किया तो मुआवजा 2.5 रुपए हुआ। कुछ लोग कोर्ट चले गए इसके बाद 4 रुपये 60 पैसे दर के हिसाब से तय हुआ । 2016 में अंतिम मोहर कोर्ट के द्वारा लगी की 4.60 पैसे सभी किसानों को दिया जाए। लेकिन LDA कह रहा है कि हमारे पास पर्याप्त धनराशि नहीं है इसलिए हम मुआवजा नहीं दे पाएंगे।
‘किसान बार बार हो रहा है अपमानित’
प्रदर्शन कर रहे मुन्ना ने कहा कि जमीन लेते समय एलडीए ने कहा था कि प्रत्येक परिवार को नौकरी , आवास , गांव का विकास और किसान भवन देंगे। मगर अभी तक कोई भी सुविधा नहीं मिली। किसान परिवार परेशान है। अपनी ही जमीन का मुआवजा लेने के लिए बार बार अपमानित होना पड़ता है। दर्जनों बार LDA और जिला अधिकारी कार्यालय का घेराव कर चुके है मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
