गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग (IET) के छात्रों अपनी कुछ मांग लेकर कुलपति से मिलने के लिए पहुंचे। छात्रों ने बताया कि मैडम कहीं जा रही थीं तो हमलोग उनके पास गए। लेकिन उन्होंने उनसे बात नहीं हो पाई और वेट करने के लिए कहा।
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अपनी मांग को लेकर बैठे इंजीनियरिंग विभाग के स्टूडेंट्स
जबकि उनका कोई प्रोग्राम बुक फेयर में होना था। इसके बाद हमलोग ने वहीं पुस्तक महोत्सव में जाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान अपने विभाग से जुड़ी कई गंभीर समस्याएँ सामने रखीं। फर्स्ट ईयर से लेकर लास्ट ईयर तक के छात्रों ने मिलकर अपने शैक्षणिक माहौल में आ रही दिक्कतों के बारे में चर्चा की और प्रशासन से सुधार की मांग की।
दैनिक भास्कर से बात करते हुए छात्रों ने बताया कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रयोगशाला पिछले डेढ़ साल से अधूरी पड़ी है। निर्माण कार्य शुरू तो हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका। इसी तरह अन्य विभागों जैसे CS, IT और ECE में भी पर्याप्त प्रयोगशाला सुविधाएँ नहीं हैं। इसके अलावा वाशरूम की सुविधा, साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधा नहीं है।
छात्रों का कहना है कि प्रोजेक्टर, स्मार्ट बोर्ड जैसी मूलभूत शिक्षण सुविधाएँ कई कक्षाओं में नहीं हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। कुछ विषयों में अध्यापक भी नहीं हैं, जिसके कारण नियमित कक्षाएँ नहीं हो पा रही हैं।

पुस्तक महोत्सव में कुलपति का इंतजार करते छात्र
विकास यादव और वैभव पाठक ने बताया कि यहाँ की फीस अधिक है, लेकिन सुविधाएँ उस अनुपात में नहीं मिल रही हैं। कई बार छात्रों को स्थायी कक्षा न होने के कारण जगह-जगह भटकना पड़ता है। इसके साथ ही, जब मौजूदा शाखाओं में ही संसाधन अधूरे हैं, तो नई इलेक्ट्रिकल और सिविल शाखाएँ शुरू करने की योजना छात्रों में चिंता पैदा कर रही है।
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने कुलपति मैंम को प्रयोगशाला निर्माण और अन्य सुविधाओं के लिए आवेदन पत्र सौंपा था, तब 90 दिनों में कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। हर बार समय सीमा बढ़ाई जाती है और केवल आश्वासन मिलता है, जबकि वास्तविक काम शुरू नहीं हो पाता।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर टी. एन. मिश्रा और IET के प्रोफेसर इंचार्ज एस. एन. तिवारी ने छात्रों का ज्ञापन प्राप्त किया और उनकी बातें गंभीरता से सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि –अगले 7 दिनों में सभी विभागों में स्मार्ट बोर्ड और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। –अगले माह से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की प्रयोगशाला का निर्माण कार्य विधिवत शुरू किया जाएगा।
छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी यह बैठक पूरी तरह शांतिपूर्ण थी। उनका उद्देश्य किसी तरह का विरोध या विवाद करना नहीं था, बल्कि अपने शिक्षण वातावरण में सुधार की मांग करना था। छात्रों की केवल इतनी अपेक्षा है कि उन्हें बेहतर, सहयोगपूर्ण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल मिले, जहाँ हर विद्यार्थी को सीखने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
