गिरिडीह जिले में शमीम अख्तर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शमीम पर राधास्वामी संगठन के नाम पर ठगी का आरोप है। वो राधास्वामी संगठन का पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुका है। पिछले साल जागरूक जनता पार्टी से गांडेय विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था।
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पचंबा थाना क्षेत्र के दो लोगों बबलू दास और इसराफिल अंसारी ने शमीम अख्तर पर ठगी का आरोप लगाया। आरोप है कि शमीम ने दोपहिया वाहन दिलाने के नाम पर पीड़ितों से गाड़ी की कीमत का 60 प्रतिशत राशि वसूल किया। बाकी राशि राधास्वामी संगठन द्वारा भुगतान कराने का वादा किया।
ईएमआई लगातार बाउंस होने के बाद मामला सामने आया
पीड़ितों की ईएमआई लगातार 3-4 बार बाउंस होने के बाद मामला सामने आया। पुलिस पूछताछ में शमीम अख्तर ने स्वीकार किया कि उन्होंने करीब 1200 लोगों को गाड़ी दिलाने का काम किया है।
राधास्वामी संगठन गिरिडीह जिले के विभिन्न प्रखंडों में लोगों को 60-70 प्रतिशत कम कीमत पर दोपहिया और चारपहिया वाहन दिलाने का काम करता है।
पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस लाखों रुपए की संभावित ठगी की जांच कर रही है।
इधर, शमीम अख्तर की पत्नी जैतून प्रवीन का कहना है की उसका पति राधा स्वामी संगठन में काम करता था, जिसका प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा है। उन्होंने मुकेश सिन्हा के खिलाफ थाने में आवेदन देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
24 जुलाई को शमीम को निष्कासित कर दिया गया था: प्रदेश अध्यक्ष
इस मामले में राधास्वामी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शमीम अख्तर पूर्व में कार्यकर्ता हुआ करता था। शमीम द्वारा ग्रमीणों को ठगा गया। उस पर हमारे कार्यालय में आवेदन दिया गया था। संगठन द्वारा करवाई भी की गई थी। उसके विरुद्ध पचंबा थाना में आवेदन दिया गया था। 24 जुलाई को शमीम को निष्कासित कर दिया गया था।
