फतेहाबाद में 72, कैथल में 51 पराली और हिसार में 48 पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं।
हरियाणा के तीन जिलों के उपायुक्तों (DC) को नोटिस जारी किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि पराली जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसा क्यों हुआ है।
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फतेहाबाद, जींद, और हिसार डिस्ट्रिक्ट की निगरानी में ये मामले सामने आए हैं। जींद में सबसे ज्यादा 121 पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं। फतेहाबाद में 72, कैथल में 51 पराली और हिसार में 48 पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं।
SC ने पंजाब-हरियाणा से डेटा मांगा
वहीं दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट (SC) ने हरियाणा और पंजाब सरकारों से उनके राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का डेटा मांगा है। दोनों राज्यों के वकीलों को एक हफ्ते के अंदर यह डेटा पेश करने का निर्देश दिया गया है।
एमिकस क्यूरी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों का डेटा या तो अपलोड नहीं किया जा रहा है या गलत डेटा अपलोड किया जा रहा है।एमिकस ने कहा कि दिल्ली में हवा खतरनाक श्रेणी में है और इस मामले को तुरंत सुने जाने की मांग की। मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई सोमवार को करेंगे।
आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही माना
आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि नवंबर के पहले सप्ताह में आगजनी की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी आयोग के निर्देशों की अवहेलना को दर्शाती है। आयोग ने उपायुक्त से 17 नवंबर 2025 तक स्पष्टीकरण मांगा है, अन्यथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि पराली जलाने पर प्रभावी रोक लगाने में जिला प्रशासन की जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में पराली जलाने की घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
24 घंटे में नए एएफएल दर्ज किए गए
हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। राज्यभर में रिकॉर्ड 72 नए एक्टिव फायर लोकेशन (AFL) दर्ज किए गए, जिससे कुल मामलों की संख्या 435 तक पहुंच गई है। कृषि एवं कल्याण विभाग ने इन सभी मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद यह पता लगाया जाएगा कि किन स्थानों पर पराली जलाई गई और किन स्थानों पर किसी अन्य कारण से आग लगी। इसके बाद संबंधित किसानों और व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
95 किसानों की रेड एंट्री, 100 पर एफआईआर पराली जलाने के खिलाफ राज्य सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है। अब तक 95 किसानों की ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रेड एंट्री की गई है, जबकि 100 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा निगरानी में लापरवाही बरतने पर 66 नोडल अधिकारियों और सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फील्ड में लगातार निगरानी रखी जाए और जहां भी आग लगने के मामले सामने आएं, वहां तत्काल कार्रवाई हो।
