सांड को अपना शिकार बनाता टाइगर टी-2311
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में अक्सर यादगार लम्हे देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक लम्हा बुधवार शाम को सामने आया। जिसका एक वीडियो भी सामने आया। वीडियो में एक टाइगर सांड का शिकार करते हुए नजर आया। जिसे देखकर यहां मौजूद लोगों की सांसें थमीं की थमीं रह गई। इन
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सांड पर हमला करता टाइगर टी-2311
दरअसल, कुंडेरा रेंज की भदलाव चौकी से कुंडला के भैरव जी के रास्ते में एक मवेशियों का झुंड चराई कर रहा था। इसी दौरान झाड़ियों में टाइगर टी-2311 घात लगाकर बैठा रहता है। झाड़ियों में घात लगाकर बैठा टाइगर सांड की गर्दन पर हमला करता है और सांड की गर्दन को जबड़े में जकड़ लेता है। इस दौरान सांड करीब आधा मिनट तक खड़ा रहता है, लेकिन टाइगर उसे गिरा देता है। करीब डेढ़ मिनट बाद वह फिर से संभलकर उठ-खड़ा होता है और करीब एक मिनट तक पैर झटककर टाइगर के चंगुल से छूटने की कोशिश करता है, लेकिन टाइगर की मजबूत पकड़ को छुड़वा नहीं पाता है। अंत में टाइगर उसे फिर गिरा देता है। कुछ ही देर में उसकी सांसें थमती हुई दिखती है।

सांड को गर्दन से पकड़कर ज़मीन में गिरता टाइगर।
सांडों का झुंड टाइगर को भगाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया
इस पूरे वाकया के दौरान सबसे खास बात यह है कि पास में सांडों का एक झुंड खड़ा हुआ है। यह झुंड यहां खड़े होकर भी टाइगर को भगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। यह गोवंश के स्वभाव में ही शामिल है। वहीं इनकी जगह भैंसों का झुंड या दो-तीन भैंसें भी होती तो टाइगर के सामने हमलावर हो जाती है और टाइगर को खदेड़ देती है।

टाइगर को शिकार करते देखता सांडों का झुंड।
टाइग्रेस टी-63 और टाइगर टी-57 का बेटा है टी-2311
टी-2311 रणथम्भौर का एक युवा मेल टाइगर है। जिसकी उम्र करीब 5 साल है। यह टाइगर पहली बार नवंबर 2021 में दिखा था। यह टाइग्रेस टी-63 और टाइगर टी-57 का बेटा है। बाघ टी-2311 के मां और बाप दोनों की पूर्व में मौत हो चुकी है।
