अंबाला कैंट स्टेशा पर चल रहा बूम बैरियर
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर बंद पड़े बूम बैरियर को एक माह बाद दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में लंबे समय से बनी अराजकता और अव्यवस्था को दूर करने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
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अब रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर फैले अतिक्रमण को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित व सुगम मार्ग उपलब्ध कराया जा सके।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बीते महीने से बूम बैरियर तकनीकी कारणों से बंद था, जिसके चलते स्टेशन परिसर से होकर गुजरने वाले वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही बढ़ गई थी। इससे न केवल भीड़भाड़ की समस्या उत्पन्न हो रही थी बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।
मुख्य द्वार पर अतिक्रमण बना चुनौती
स्टेशन के मुख्य द्वार पर वर्षों से दुकानदारों और ठेले-रेहड़ी वालों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया था। इस वजह से यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करने और बाहर निकलने में भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। अक्सर देखा गया कि टैक्सी, ई-रिक्शा व निजी वाहन मुख्य द्वार पर ही लंबा समय खड़े रहते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।
अधिकारियों का कहना है कि बूम बैरियर व्यवस्था के बाद स्टेशन में प्रवेश नियंत्रित रहेगा, लेकिन मुख्य गेट पर बना अतिक्रमण हटाए बिना सुव्यवस्था संभव नहीं है। इसलिए नगर निगम और रेलवे मिलकर इस क्षेत्र से अवैध कब्जे हटाने की तैयारी में जुट गए हैं। अभियान जल्द ही शुरू किया जाएगा।
पिछले दिनों भी स्टेशन के आसपास अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई थी।
बूम बैरियर से मिलेगी पारदर्शी पार्किंग प्रणाली
एएसएम देवेंद्र कुमार ने बताया कि बूम बैरियर के पुनः सक्रिय होने से स्टेशन परिसर में वाहनों का प्रवेश और निकास सुव्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। पार्किंग शुल्क की पारदर्शी प्रणाली लागू होगी, क्योंकि हर वाहन का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे स्टेशन परिसर में अनियमित पार्किंग शुल्क वसूली की शिकायतें भी कम होंगी।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, पार्किंग क्षेत्र को चिन्हित तरीके से व्यवस्थित करने और अवांछित भीड़ पर निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई है। स्टेशन के प्रवेश मार्ग पर एक बड़ी सूचना पट्टिका भी लगाई गई है, जिसमें वाहन किराया, पार्किंग शुल्क तथा नियमों की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज है।
