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HSSC सदस्यों के इस्तीफों पर सस्पेंस: पंचकूला आयोग के ऑफिस में अभी दोनों सदस्य आ रहे, गाड़ी भी कर रहे इस्तेमाल – Panchkula News

HSSC सदस्यों के इस्तीफों पर सस्पेंस:  पंचकूला आयोग के ऑफिस में अभी दोनों सदस्य आ रहे, गाड़ी भी कर रहे इस्तेमाल – Panchkula News


पंचकूला में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का ऑफिस के बाहर खड़ी गाड़ियां।

हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। दो सदस्यों का इस्तीफा हो चुका है, हालांकि वो अभी मंजूर नहीं हुआ। इस्तीफा देने वाले दोनों सदस्य साधुराम जाखड़ और सुभाष सिंह अभी पंचकूला स्थिति एचएसएससी कार्यालय में आ रहे हैं। दोनों के

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हिसार के बरवाला निवासी साधूराम जाखड़ और सिरसा के सुभाष सिंह ने अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सीएम को अपना इस्तीफा भेज दिया था। बताया जा रहा है कि दोनों सदस्यों से इस्तीफा मांगा गया था। इस्तीफा क्यों मांगा गया है, इसकी कोई स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं हुई है। लेकिन दोनों के द्वारा निजी कारण ही बताए जा रहे हैं। एक सदस्य से चर्चा में तो यहां तक सामने आया है कि इस्तीफे पर डेट ही नहीं लिखी है।

हरियाणा सरकार के द्वारा अगर HSSC सदस्यों के इस्तीफों को मंजूर किया जाता है, तो कमीशन का कोरम पूरा नहीं होगा। वर्तमान में कमीशन के 6 सदस्यों में से 5 ही पद पर मेंबर नियुक्त हैं। अगर 2 मेंबर ओर कम हो जाते हैं तो सदस्यों की संख्या केवल 3 रह जाएगी। सभी ग्रुप-C के पदों की भर्ती प्रक्रिया भी कमीशन करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे समय में इस्तीफे और नई नियुक्तियां काफी अहम हैं।

पंचकूला में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का ऑफिस।

राज्यपाल को मंजूर करना होता है इस्तीफा एचएसएससी के सदस्यों की नियुक्ति 25 जून 2024 को नायब सरकार ने की थी। सदस्यों का कार्यकाल 3 साल का रहता है। ऐसे में इन सदस्यों का कार्यालय अभी करीब डेढ़ साल बचा हुआ है। आयोग ग्रुप सी और डी की भर्ती करता है। इस्तीफा राज्यपाल मंजूर करते हैं।

सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भागेदारी वजह सियासी गलियारों में चर्चा है कि दोनों सदस्यों से इस्तीफा मांगने की एक वजह दोनों की सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में अधिक भागेदारी करना है। हाईकमान की ओर से इसको लेकर चेतावनी भी दी गई।

2 पॉइंट में समझिए इस्तीफा देने वाले दोनों सदस्य बारे…

  • सुभाष सिंह इनेलो सरकार में जेबीटी नियुक्त- सिरसा के गंगा गांव निवासी सुभाष चंद्र पेशे से टीचर हैं। जो डेप्युटेशन पर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में आए हैं। साल 2004 में सुभाषचंद्र ने बतौर इनेलो सरकार के समय जेबीटी शिक्षा विभाग में ज्वाइन किया था। मेवात में करीब 11 साल तक टीचिंग के बाद उनका ट्रांसफर फतेहाबाद के रतिया में हुआ है। 52 वर्षीय सुभाष के 2 बेटे हैं और दोनों ही सरकारी सेवा में हैं। इनके बारे में कहा जाता है कि ये शैक्षिक शाखा विद्या भारती से इनका जुड़ाव है।
  • साधुराम जाखड़ का RSS से है जुड़ावः हिसार के बरवाला निवासी साधुराम जाखड़ का आरएसएस से जुड़ाव रहा है। बताया जा रहा है कि जाखड़ का निजी स्कूल भी है। सामाजिक जीवन में अक्सर सक्रिय रहते हैं। साधुराम का अगर इस्तीफा स्वीकार होता है तो उन्हें संगठन में एडजस्ट किया जा सकता है। जाखड़ भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रांतीय सह संयोजक रहे हैं।

3 पॉइंट में समझिए कमीशन मेंबर की नियुक्ति और संख्या…

  • कॉलेजियम की सिफारिश पर नियुक्ति : आयोग के चेयरमैन और सदस्यों का चयन मुख्यमंत्री द्वारा गठित तीन सदस्यीय कॉलेजियम की सिफारिश पर किया जाता है। इसमें प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव और विधि परामर्शदाता (LR) शामिल होते है।
  • BJP सरकार में 3 बार बदली मेंबर संख्या : कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन के सदस्यों की संख्या 9 होती थी। जिसे BJP सरकार ने साल 2016 में 9 से 11 कर दिया। वहीं साल 2021 में इन पदों को घटाकर 7 कर दिया गया।
  • सैलरी, गाड़ी और दूसरे भत्तों का हकदार : कमीशन के सदस्यों को सैलरी, गाड़ी, हाउस रेंट व यात्रा भत्ता मिलता है। आयोग सदस्य समूह ‘क’ सरकारी कर्मचारी पर लागू छुट्टी, यात्रा और चिकित्सा नियमों द्वारा शासित होता है। नियुक्ति 3 साल के लिए होती है, जिसे सरकार 2 साल तक बढ़ा सकती है।



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