महम खंड के गांव भैणी चंद्रपाल के सरपंच शिवराज को छह महीने बाद बहाल कर दिया गया है।
रोहतक जिले में महम खंड के गांव भैणी चंद्रपाल के सरपंच शिवराज को छह महीने बाद बहाल कर दिया गया है। कमिश्नर की अदालत ने उन्हें बहाल करने के आदेश जारी किए हैं। उन्हें 20 जून को उपायुक्त (डीसी) द्वारा निलंबित किया गया था।
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कमिश्नर राजीव रतन की अदालत ने जिला उपायुक्त के फैसले को पलटते हुए निर्णय दिया। आदेश में कहा गया कि जिन कारणों से सरपंच शिवराज को निलंबित किया गया था, उन कारणों से उन्हें निलंबित रखना उचित नहीं है।
सरपंच शिवराज पर आरोप था कि चुनाव से पहले उन पर बिजली का बिल बकाया था, जिसका पूरा भुगतान नहीं किया गया था। बिजली विभाग ने शर्तों के आधार पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया था।
बिजली के बिल का भुगतान ना करने का आरोप
शिकायतकर्ता यशवीर ने आरोप लगाया था कि सरपंच ने चुनाव जीतने के बाद भी बिजली बिल का भुगतान नहीं किया।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जो बकाया बिजली बिल पेश किया गया था, वह सरपंच शिवराज के नाम पर नहीं, बल्कि उनके पिता रतन सिंह के नाम पर था। उन्होंने बताया कि वे दस भाई हैं और पेश किया गया बिल सरपंच द्वारा खर्च की गई बिजली का नहीं था, बल्कि अन्य भाइयों द्वारा उपयोग की गई बिजली का था। इसके बावजूद बिल का भुगतान कर दिया गया था।
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि इन सभी आरोपों के चलते सरपंच को निलंबित रखना उचित नहीं है। सरपंच लगभग छह महीने तक निलंबित रहे, और इस दौरान प्रशासन ने गांव के पंच यशपाल को कार्यवाहक सरपंच नियुक्त किया था।
