ढोल, बाजे और नगाड़ों के साथ भव्य विसर्जन रैली निकाली गई।
देवघर के गजानंद समाज ने इस वर्ष गणपति विसर्जन के लिए एक अनोखी पहल की है। समाज ने गणपति मूर्ति का विसर्जन देवघर से 1265 किलोमीटर दूर हरिद्वार में करने का निर्णय लिया है।
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विसर्जन से पूर्व गणपति मूर्ति को बाबा बैद्यनाथ मंदिर में दर्शन कराया गया। इसके बाद ढोल, बाजे और नगाड़ों के साथ भव्य विसर्जन रैली निकाली गई। यह रैली देवघर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंची।
दिल्ली से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए देहरादून जाएंगे
गजानंद समाज की यात्रा योजना के अनुसार, सदस्य देवघर से दिल्ली तक हवाई यात्रा करेंगे। दिल्ली से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए देहरादून जाएंगे। वहां से हरिद्वार पहुंचकर गणपति मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।
समाज के सदस्य सोम भारद्वाज ने बताया कि विसर्जन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देवघर धर्म और अध्यात्म की नगरी है, जहां हर पूजा और त्योहार विशेष रूप से मनाया जाता है। इस बार के विसर्जन कार्यक्रम में समाज के सभी सदस्यों की सहभागिता रहेगी।
