सहरसा में कोसी ब्रांच की मेजबानी में देव रिसोर्ट में शुक्रवार को 14वीं बिहार स्टेट डेंटल कॉन्फ्रेंस का प्री-कॉन्फ्रेंस सत्र आयोजित कर इसे भव्य रूप से शुरू किया गया।
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आयोजन समिति के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. प्रभात भास्कर ने बताया कि मुख्य दो दिवसीय अकादमिक सत्र से पहले हर वर्ष प्री-कॉन्फ्रेंस के रूप में विशेष हैंड्स-ऑन कोर्स आयोजित किया जाता है, जिसमें दंत चिकित्सक अपने ज्ञान को अपडेट करते हैं और नई तकनीकों को सीखते हैं।
इस वर्ष का प्री-कॉन्फ्रेंस कोर्स प्रसिद्ध इंप्लांटोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक दुबे द्वारा संचालित किया गया। इसमें लगभग 30–35 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। कोर्स में इमीडिएट एक्सट्रैक्शन के बाद इंप्लांट लगाने की उन्नत तकनीक पर लाइव डेमो और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई, जिससे प्रैक्टिसिंग दंत चिकित्सकों को आधुनिक इंप्लांटोलॉजी की बारीकियां सीखने का अवसर मिला।

उद्घाटन समारोह
प्री-कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. रतन कुमार झा, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आई. डी. सिंह और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गोपाल शरण सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में शहर के कई प्रतिष्ठित डॉक्टर और मेडिकल जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य अकादमिक सत्र
आयोजन समिति ने बताया कि शनिवार से मुख्य अकादमिक सत्र की शुरुआत सहरसा के प्रेक्षा गृह ऑडिटोरियम में होगी। इसमें देश के शीर्ष दंत चिकित्सक और विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। नामी दंत चिकित्सकों में शामिल हैं – डॉ. पीडी जोशी, डॉ. सना फरिस्ता, डॉ. शालू महाजन, डॉ. अंकित, डॉ. एस अविनाश और अन्य राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ।
दो दिवसीय मुख्य सत्र (13 और 14 दिसंबर) में लगभग 500–600 से अधिक डेलीगेट्स के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति ने कहा कि कोसी की पवित्र धरती और मां चंडी की नगरी सहरसा सभी प्रतिभागियों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सत्र की अहमियत
डॉ. प्रभात भास्कर ने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस केवल सहरसा या कोसी संभाग के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के दंत चिकित्सा क्षेत्र के लिए शिक्षा और नेटवर्किंग का महत्वपूर्ण अवसर है। सम्मेलन के दौरान डॉक्टर नवीनतम तकनीक, केस स्टडीज और इम्प्लांटोलॉजी की बारीकियों को सीखने का अनुभव साझा करेंगे।
इस अवसर पर डॉ. प्रभात भास्कर, डॉ. अफगान, डॉ. पवन, डॉ. अंकित, डॉ. एस अविनाश, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. अंकित आनंद, डॉ. मो. अजहर इकबाल, डॉ. एस के अनुज, डॉ. आशुतोष, डॉ. जूही, डॉ. बबिता, डॉ. शुभ्रा, डॉ. अभिषेक और डॉ. सुमन सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।

कॉन्फ्रेंस में प्रतिभागियों को डिजिटल और प्रैक्टिकल सत्र, नए उपकरणों और इंप्लांट तकनीक की लाइव डेमो सहित अनुभव साझा करने का सुनहरा मौका मिलेगा। आयोजन समिति का कहना है कि यह कार्यक्रम बिहार के दंत चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान, कौशल और पेशेवर नेटवर्किंग को मजबूत करने का मंच साबित होगा।
सहरसा की यह पहल राज्यभर के दंत चिकित्सकों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और नवीनतम तकनीकों का लाभ सीधे मरीजों तक पहुंचेगा।
