खरगोन जिले की बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना में देरी को लेकर भारतीय किसान संघ की आज (शुक्रवार) से धरने की चेतावनी के बाद प्रशासन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। एसडीएम लोकेश छापरे, एनवीडीए, जीवीपीआर कंपनी और भारतीय किसान संघ की संयुक्त टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद प्रशासन और विभाग ने तीन चरणों में पानी छोड़ने का शेड्यूल जारी किया है। किसान संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है यदि बताए गए प्लान के अनुसार पानी नहीं मिला तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रशासन की यह सक्रियता भीकनगांव में किसान संघ के 15 दिन के अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी के बाद आई है। प्रशासन ने पहले 7 मई की डेडलाइन दी थी, लेकिन देरी होने पर किसान संघ ने 15 मई से आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद पानी छोड़ने की नई कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है। भीकनगांव एसडीएम लोकेश छापरे ने 21 मई से चरणबद्ध काम पूरा कर लेने का भरोसा दिया है। 21 मई से पीएस-4 चालू होगा
पहले चरण में, 21 मई को पीएस-4 को चालू कर बीआर-1 में पानी छोड़ा जाएगा। इससे कांजर, काल्दा, बसंतपुरा, सिराली तालाब और आगे के 9 गांवों को पानी उपलब्ध होगा। दूसरे चरण में, 25 मई तक बीआर-2 और बीआर-3 में पानी छोड़ा जाएगा। इससे नरगांव, मालखेड़ा, रामपुर, नवलपुर, नूरियाखेड़ी, बंझर, सिराली और सोमला तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके बाद, तीसरे चरण में पीएस-5 से बीआर-4 में पानी पहुंचने पर भातलपुरा, सुंदरेल, बिरूल, चिकलवास के तालाबों और नदी-नालों में पानी छोड़ने का आश्वासन दिया गया है। निरीक्षण के दौरान श्यामसिंह पवार, गजानन बांके, मुकेश पटेल, वासुदेव चौधरी, नितेशसिंह मौर्य सहित किसान प्रतिनिधि मौजूद थे।
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