हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव अब ‘मां’ बन गई हैं। वह सेरोगेसी से सिंगल मदर बनी हैं। सेरोगेट मदर की मदद से आरती राव की गोद भरी है। उनका बच्चा अब 3 माह का हो गया है। बच्चे का नाम जयवीर सिंह रखा गया है, जिसका लालन-पालन मंत्री आवास पर चल रहा है। र
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माना जा रहा है कि राव जयवीर सिंह अब केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की विरासत को आगे बढ़ाएगा। राव इंद्रजीत की 2 बेटियां हैं। आरती राव के अलावा छोटी बेटी भारती राव हैं, जो 2 बेटों की मां हैं। हालांकि भारती राव राजनीति और सुर्खियों से दूर रहती हैं। बड़ी बेटी आरती राव ही पिता की सियासी विरासत को संभाल रही हैं। अक्टूबर 2024 में आरती राव ने अटेली हलके से चुनाव लड़ा था। नामांकन पत्र में उन्होंने पिता राव इंद्रजीत का नाम ही भरा यानी डॉटर ऑफ लिखा था।
यहां जानिए आरती राव कैसे बनीं सेरोगेसी से सिंगल मदर…
दो ही केस में मिलती है सिंगल मदर की अनुमति भारत में सेरोगेसी से सिंगल मदर बनना कानूनन आसान नहीं है। पहले तो कानून इसकी इजाजत नहीं देता था। साल 2023 में कुछ कानूनी संशोधन किए गए, जिसके तहत विधवा या तलाकशुदा महिला को कुछ मामलों में अनुमति दी गई है। मगर, उसे भी मेडिकल बोर्ड से प्रमाणपत्र लेना होता है कि वह सेरोगेसी के लिए “जरूरी कारण” रखती है। बताया जा रहा है कि आरती राव सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की हैं।
कोर्ट से परमिशन लेकर हुई पूरी प्रक्रिया हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने सेरोगेसी सिंगल मदर बनने के लिए पहले कोर्ट से अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। करीब 3 माह पहले आरती राव के घर बेटे के तौर पर खुशियां आईं। बेटे का नाम राव जयवीर सिंह रखा गया है। राव तुलाराम की पांचवीं पीढ़ी के तौर अब राव जयवीर सिंह होंगे।

आरती राव और उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि…
दादा बीरेंद्र सिंह प्रदेश के दूसरे सीएम रहे आरती राव के दादा दादा राव बीरेंद्र सिंह हरियाणा के दूसरे CM रहे थे। हालांकि वे 7 महीने ही इस पद पर रहे। राव बीरेंद्र की सियासी विरासत को उनके बेटे राव इंद्रजीत ने संभाला। हालांकि राव इंद्रजीत के दो और भाई भी राजनीति में उतरे, लेकिन ज्यादा सफल नहीं रहे। इसके बाद राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव ने पहली बार राजनीति में कदम रखा। पहला चुनाव जीतते ही नायब सैनी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनीं।
नेशनल लेवल की निशानेबाज रहीं आरती दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट आरती राव राष्ट्रीय स्तर की शूटर रही हैं। वह 15 बार राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियन रहीं। 3 जुलाई 1979 को जन्मी आरती शुरू से से ही पिता राव इंद्रजीत के ज्यादा करीब रही हैं। बताया जाता है कि पिता से प्रेरित होकर ही निशानेबाज बनीं। बाद में पिता की उंगली पकड़कर राजनीति में आईंं। राव परिवार ने अब उस सवाल को खत्म कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि आरती राव के बाद राव परिवार की राजनीति का वारिस कौन होगा।
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