सीहोर में 13 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। इसमें बिजली चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामलों का समझौते के जरिए निपटारा किया जाएगा।
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विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत बिजली चोरी के लंबित मामलों में छूट का लाभ सीमित श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलेगा। इसमें निम्न दाब श्रेणी के घरेलू, कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू और 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं।
कंपनी की ओर से आकलित सिविल दायित्व राशि पर 30 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। साथ ही, भुगतान में देरी पर लगने वाले 16 प्रतिशत वार्षिक ब्याज में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। यह छूट 10 लाख रुपए तक के मामलों में ही मिलेगी।
विद्युत अधिनियम की धारा 126 के तहत लंबित मामलों में भी लोक अदालत के दौरान छूट दी जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क कर समझौता कर लें। यह छूट योजना केवल 13 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिए ही मान्य होगी।
