प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव पर बैन मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस समीर जैन की अदालत में जयराव व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने दो अन्य याचिकाओं पर जवाब के लिए समय मांगा।
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जिसका जयराव के अधिवक्ता शांतनू पारीक ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी याचिका में जवाब पेश कर चुकी है। लेकिन अब समय मांग कर समय निकालना चाहती है, जिससे यह सभी याचिकाएं सारहीन हो जाएं।
लेकिन अदालत ने सरकार को समय देते हुए मामले को 15 सितंबर को सुनवाई के लिए नियत किया है।
सरकार चुनाव कराने से मना कर चुकी इससे पहले सरकार ने जयराव की याचिका पर जवाब पेश करते हुए प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव कराने से मना कर दिया था। सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने का हवाला देकर चुनाव करवा पाना असंभव बताया था।
सरकार ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिश का हवाला देते हुए कहा- सत्र शुरू होने के 8 सप्ताह में चुनाव करवाए जाने चाहिए। फिलहाल यह भी संभव नहीं दिख रहा है।
जवाब में 9 यूनिवर्सिटी के कुलगुरुओं की सिफारिश भी शामिल की गई है। इसमें कुलगुरुओं ने शैक्षणिक सत्र, कक्षाओं के कार्यक्रम का हवाला देते हुए चुनाव नहीं कराने की राय दी थी।
