मुख्य बातें

डीसी साहनी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों की समीक्षा की: शत-प्रतिशत क्षतिग्रस्त मकानों और मृतकों के परिजनों को तुरंत मुआवजा देने के निर्देश – Amritsar News

डीसी साहनी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों की समीक्षा की:  शत-प्रतिशत क्षतिग्रस्त मकानों और मृतकों के परिजनों को तुरंत मुआवजा देने के निर्देश – Amritsar News


मीटिंग के दौरान इलाकों की रिपोर्ट लेते हुए डीसी साक्षी साहनी।

अमृतसर जिले की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने आज अजनाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावित इलाकों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन मकानों को शत-प्रतिशत क्षति हुई है और जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उन्हें तत्क

.

डीसी साहनी ने कहा कि प्रभावित नागरिकों के लिए राहत और पुनर्वास का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया कि वे संबंधित एसडीएम और अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर मुआवजे और राहत सामग्री का समय पर वितरण सुनिश्चित करें।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी पात्र नागरिक राहत से वंचित न रह पाए। इसके साथ ही, मुआवजे से संबंधित आवेदनों और दावों पर सरकार के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल मदद पहुंच सके।

मीटिंग के दौरान इलाकों की रिपोर्ट लेते हुए डीसी साक्षी साहनी।

बीमारियों के फैलने का खतरा

बैठक के दौरान डीसी ने कहा कि गांवों में बाढ़ का जलस्तर अब कम हो रहा है, लेकिन निचले इलाकों में पानी जमा होने के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। इसको देखते हुए सभी विभागों को निवारक कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य और पंचायत विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण करने के लिए तुरंत प्रतिक्रिया टीमें गठित करें और उनकी तैनाती सुनिश्चित करें। साथ ही अस्पतालों में आवश्यक दवाएं, डायग्नोस्टिक किट और पर्याप्त बिस्तरों की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया।

इलाकों में फॉगिंग शुरू करवाई गई

डीसी ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में दर्ज मामलों की नियमित निगरानी की जाए और प्रभावित इलाकों में फॉगिंग कराई जाए। उन्होंने संबंधित विभागों से इस संबंध में रिपोर्ट भी मांगी है।

डीसी द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद विभिन्न विभागों की टीमें सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित इलाकों में गंदे पानी और कीटाणुओं से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। गांव स्तर तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और पशुओं के लिए हरा चारा भी मुहैया कराया जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *