छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की नेवई पुलिस ने डिजिटल ठगी के एक मामले में लाईक अहमद को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर दुर्ग लाया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया है।
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मामला अप्रैल-मई 2025 का है। पीड़िता नम्रता चंद्राकर के परिवार से आरोपियों ने सीबीआई अधिकारी बनकर ठगी की। उन्होंने पीड़िता के पिता को वीडियो कॉल कर उनके खाते में दो करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा आरोप लगाया। गिरफ्तारी का डर दिखाकर परिवार से 55 लाख रुपए ऐंठ लिए।
यूपी के गोंडा का रहने वाला आरोपी
पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर के अनुसार, सातवां आरोपी लाईक अहमद गोंडा का रहने वाला है। वह लखनऊ की फूलबाग कॉलोनी में रहता था। साइबर क्राइम के कई मामलों में वह पहले से ही लखनऊ जेल में बंद था। इस मामले में अब तक छह आरोपी जेल जा चुके हैं।
ठाणे से ऋषिकेश जोशी और चंदन बालकरण सरोज को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीड़िता के परिवार की पूरी संपत्ति की जानकारी भी जुटा ली थी।
