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अमृतसर के गांव रमदास व अजनाला के साथ लगते गांवों में आई बाढ़ का असर जहां 190 गांवों के लोगों पर पड़ा है, वहीं इसका असर शहर में भी होने लगा है। पुतली घर स्थित शिमला मार्केट के दुकानदारों पर इसका काफी असर हुआ है। यहां कपड़े, मुनियारी, गिफ्ट शॉप्स, ज्वैलर्स आदि की दुकानें हैं और इन दुकानों पर काम नाममात्र ही होकर रह गया है।
उक्त दुकानों में ज्यादातर गांवों से ही ग्राहक आते थे और इन दिनों यह मार्केट पूरी तरह से भरी रहती थी, लेकिन बाढ़ के बाद यह मार्केट सुनसान ही पड़ गई है। हालात यह रहते थे कि दोपहर के समय यहां से पैदल गुजरना भी मुश्किल हो जाता था।
दुकानदारों का कहना है कि बाढ़ के कारण उनका करीब 70 प्रतिशत के करीब काम प्रभावित हुआ है। हालात कोरोना की तरह ही हो रहे है। उन दिनों में जिस तरह से सुबह काम पर आते थे और बिना पैसे कमाए घर पर वापिस चले जाते थे, ठीक उसी तरह से अब भी यहीं हाल है।
मनियारी की दुकान चलाने वाले जगतार सिंह का कहना है कि सबसे ज्यादा असर उनके काम पर पड़ा है। क्योंकि गांव के लोग मनियारी का सामान काफी तादाद में लेकर जाते थे। जहां लोग यह सामान अपने गांवों में बेचने के लिए लेकर जाते हैं, वहीं वह पहनने के लिए भी लेकर जाते हैं।
फोटोग्राफी और गिफ्ट का काम करने वाले अरुण अरोड़ा का कहना है कि बाढ़ से उनका काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनकी दुकानों पर अधिकतर ग्राहक ग्रामीण इलाकों से आते थे। शादियों का सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक उनके पास कोई भी ग्राहक नहीं पहुंचा है।
वह बताते हैं कि पहले इस दौरान उनके कई दिनों के कार्यक्रम पहले से ही बुक रहते थे। अब हालात बिलकुल कोरोना काल जैसे हो गए हैं। दुकान खोलते तो हैं, लेकिन उसी तरह से दुकान बंद करके वापस चले जाते हैं। राधिका क्लॉथ स्टोर चला रहे सिद्धार्थ का कहना था कि उन्होंने आने वाले त्योहारों को लेकर काफी तैयारी कर रखी है।
काफी स्टॉक भी भर रखा है। उम्मीद थी कि काम काफी सही चलेगा। बाढ़ के कारण काफी काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि वॉर के बाद काम में सुधार हुआ था लेकिन बाढ़ ने फिर काम खराब कर दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से गांवों में नुकसान काफी हुआ है, लेकिन उसका असर तो शहर की मार्केट पर भी पड़ा है।
उन्होंने कहा कि उनकी मार्केट में ज्यादातर गांवों के लोग ही आते थे। दीपक ज्वैलर्स के मालिक दीपक का कहना था कि गांवों से रोजाना ही 60 से 70 % के करीब लोग आते थे। 27 अगस्त से उक्त मार्केट ठंडी ही पड़ी हुई है। बाढ़ के कारण ही इस पर असर पड़ा है।

