झारखंड के पलामू जिले के मनातू जंगल में रविवार सुबह सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में संगठन का 5 लाख का इनामी कमांडर मुखदेव यादव मारा गया। उसका शव घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है।
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मौके से एक इंसास राइफल भी मिली है। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि इस अभियान में कोबरा और जगुआर की टुकड़ियों के साथ 200 से ज्यादा जवान शामिल थे।
शहीद हुए थे दो जवान, अब चला सबसे बड़ा ऑपरेशन
गौरतलब है कि तीन सितंबर की रात भी मनातू के केदल इलाके में सुरक्षाबलों और टीएसपीसी नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान पलामू पुलिस के दो जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हाल की कार्रवाई उसी दस्ते को खत्म करने के लिए चल रही है, जिसने जवानों पर हमला किया था। मुखदेव यादव भी उसी हमले में शामिल था। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने इलाके को चारों ओर से घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
10 लाख का इनामी शशिकांत गंझू निशाने पर
जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों ने टीएसपीसी के 10 लाख के इनामी सुप्रीमो शशिकांत गंझू को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया है। जैसे ही जवान मनातू के घने जंगलों में दाखिल हुए, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।
दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग घंटों तक चलती रही। इस दौरान मुखदेव यादव ढेर हो गया। अभियान में शामिल अधिकारियों ने बताया कि शशिकांत गंझू पर लंबे समय से नजर रखी जा रही है और उसका बच निकलना मुश्किल है।
नक्सलियों का ठिकाना चिह्नित, सर्च अभियान जारी
एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि टीएसपीसी का दस्ते पलामू के मनातू, तरहसी और चतरा के सीमावर्ती जंगलों को ठिकाना बनाए हुए हैं। शशिकांत गंझू के साथ उसके दस्ते में 8 से 10 नक्सली सक्रिय बताए जाते हैं, जिनमें इनामी नक्सली नगीना भी शामिल है।
सुरक्षाबलों का कहना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है। पुलिस का दावा है कि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरे दस्ते को खत्म नहीं कर दिया जाता। इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और पुलिस ने ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की है।
