चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजे से भरा ट्रक पकड़ा है। यह गांजा उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से लाया जा रहा था और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने ट्रक से कुल 47 पैकेट गांजा ज
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भागने की कोशिश की, पुलिस ने जीप आड़े लगाकर ट्रक को रोका
जिले की स्पेशल टीम (DST) को इस अवैध तस्करी की जानकारी मिली थी। इस इनपुट के आधार पर गंगरार थाना पुलिस को अलर्ट किया गया। इसके बाद थानाधिकारी दुर्गा प्रसाद के नेतृत्व में टीम बनाई गई और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस को खबर मिली कि उदयपुर की ओर से एक ट्रक गंगरार की तरफ आने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस की टीम चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा सिक्स लेन रोड पर मेडीखेडा पुलिया के पास पहुंची और निगरानी शुरू की। थोड़ी देर बाद एक संदिग्ध ट्रक आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने ट्रक को तेज गति से भगाने की कोशिश की। चालक ने ट्रक को सिक्स लेन रोड की दीवार के पास बने कच्चे रास्ते से निकालकर भागना चाहा। हालांकि, पुलिस ने पीछा कर ट्रक को घेर लिया और जीप को सामने खड़ा कर किसी तरह उसे रोकने में सफलता हासिल की।
ट्रक में मिले गांजे के पैकेट, दो आरोपी गिरफ्तार
जब ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा भरा हुआ मिला। पुलिस ने गिनती की तो कुल 47 पैकेट बरामद हुए। पैकेट का वजन नापा गया तो लगभग 1 क्विंटल 97 किलो 65 ग्राम गांजा निकला। मौके पर ही पुलिस ने इसे जब्त कर लिया।
ट्रक में उस समय चालक सीट पर गंगरार निवासी राजू बैरवा पुत्र रतनलाल बैरवा और खलासी सीट पर भीलवाड़ा निवासी संपत बंजारा पुत्र रामेश्वर बंजारा बैठे हुए थे। पुलिस ने दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और ट्रक सहित थाने ले आई।
दो तस्करों को किया गिरफ्तार, पहले भी ला चुके गांजा।
पहले भी कर चुके हैं तस्करी
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इससे पहले भी गांजे की तस्करी कर चुके हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ समय पहले करीब 4 क्विंटल गांजा पकड़ा गया था, जो उड़ीसा और विशाखापट्टनम से लाया गया था। इस बार भी वही से गांजा मंगवाया गया था। उनका मकसद इसे राजस्थान के कई जिलों में सप्लाई करना था।
राजसमंद और भीलवाड़ा मुख्य सप्लाई पॉइंट
आरोपियों ने खुलासा किया कि गांजे की सबसे ज्यादा खपत राजसमंद और भीलवाड़ा में होती है। तस्कर मुख्य रूप से चित्तौड़गढ़ के रास्ते से माल ले जाते हैं क्योंकि यह रूट उन्हें सबसे आसान और सुरक्षित लगता है। दोनों आरोपी लंबे समय से तस्करी के काम में लगे हुए हैं और उनका मुख्य धंधा यही है। गंगरार पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
टीम का योगदान, DST, गंगरार और साइबर सेल की टीम रही शामिल
इस कार्रवाई में कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। DST टीम से हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, कांस्टेबल राजदीप, विजय सिंह, दीपक कुमार, विक्रम, सुरेंद्र ने अहम भूमिका निभाई। वहीं गंगरार थाने से हेड कांस्टेबल युवराज सिंह, कांस्टेबल प्रकाश, रोहिताश, कुंजीलाल, गोविंद, सुनील कुमार, देवकिशन शामिल रहे। इसके अलावा साइबर टीम से हेड कांस्टेबल राजकुमार भी जुड़े।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में कांस्टेबल विक्रम की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रही।
