अंबाला कैंट स्टेशन पर बने बूम बैरियर का फाइल फोटो
हरियाणा के अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रीपेड टैक्सी बूथ शुरू करने की सुविधा 3 साल से कागजों में अटकी है। ऐसे में देर रात यात्रा कर ट्रेनों से उतरने वाली महिला यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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स्टेशन से बाहर निकलते ही उन्हें ऑटो या टैक्सी ड्राइवरों से मोलभाव करना पड़ता है, जहां चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। साथ ही उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर भी भय बना रहता बता दें कि कैंट रेलवे प्रशासन ने वर्ष 2022 में प्रीपेड टैक्सी बूथ की योजना बनाकर अंबाला रेल मंडल को भेजी थी।
जब डीआरएम कार्यालय ने स्टेशन परिसर में जगह चिह्नित करने के लिए कहा तो अधिकारी उपयुक्त स्थान तय नहीं कर पाए। नतीजा ये हुआ कि योजना अब तक कागजों में ही अटकी है।
अभी मौजूदा हालात की बात करें तो जब से बूम बैरियर शुरू हुआ है तब से टैक्सी चालक स्टेशन के बाहर खड़े होकर यात्रियों से मोलभाव करते हैं। कई बार यात्री मजबूरी में ज्यादा किराया देकर सफर करने को विवश हो जाते हैं।
बूम बैरियर के बाद भी नहीं मिली सुविधा
रेलवे ने बूम बैरियर शुरू होने के बाद प्रीपेड टैक्सी बूथ शुरू करने की बात कही थी, लेकिन 5 महीने के बाद भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में यात्रियों का कहना है कि जब तक ये सुविधा शुरू नहीं होती, खासकर महिलाओं और देर रात यात्रा करने वालों को असुरक्षा और परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि प्रीपेड ऑटो और टैक्सी बूथ जल्द शुरू किया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और सस्ते किराए पर यात्रा की सुविधा मिल सके।
लेकिन, पिछले सप्ताह ही बूम बैरियर के संचालक ने काम में घाटा होने के चलते ही बूम बैरियर के ठेके को सरेंडर कर दिया। अब रेलवे इसको भी दोबारा शुरू कराने की तैयारी में है।
ये होंगे फायदे
अगर प्रीपेड टैक्सी बूथ शुरू हो जाए तो जीआरपी ऑटो चालक की डिटेल के साथ यात्रियों का विवरण भी लिया करेगी। किराया भी फिक्स रहेगा। इससे यात्रियों को सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। सामान ऑटो में छूटने पर उसे आसानी से लौटाया भी जा सकेगा।
रेलवे के राजस्व में होगी बढ़ोतरी
वरिष्ठ वाणिज्यिक प्रबन्धक नवीन कुमार झा ने बताया कि कैंट रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण के बाद परिसर का एरिया बढ़ जाएगा। स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है।
वहीं, रेलवे परिसर में ही प्रीपेड टैक्सी बूथ शुरू करने की योजना है, क्योंकि अधिकतर यात्री कैंट स्टेशन पर उतरकर चंडीगढ़ और पटियाला क्षेत्रों तक टैक्सी के माध्यम से सफर करते हैं। इससे रेलवे को भी राजस्व की प्राप्ति होगी।
