छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड में स्थित बालाजी मार्बल एंड टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के श्रमिकों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। श्रमिकों का कहना है कि कंपनी ने अपने वादों को पूरा नहीं किया है।
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कंपनी को छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-नीलामी के जरिए 257 हेक्टेयर क्षेत्र में बॉक्साइट खनन की अनुमति दी थी। खनन शुरू होने से पहले एसडीएम कुसमी और जनप्रतिनिधियों के साथ समझौता हुआ था।
इसमें स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया गया था। साथ ही ईपीएफ, मेडिकल, बीमा और छुट्टी जैसी कानूनी सुविधाएं देने की बात कही गई थी।
आवेदन देकर 3 दिन का समय दिया
श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी ने स्थानीय युवाओं को नौकरी नहीं दी है। इसके बजाय बाहर से कर्मचारियों को लाकर नियुक्त किया गया है। स्थानीय स्टाफ के साथ शोषण जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
श्रमिकों ने कंपनी के खनन एजेंट और डायरेक्टर को लिखित आवेदन देकर 3 दिन का समय दिया था। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके विरोध में श्रमिकों ने अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम करने का फैसला किया है।
श्रमिकों ने इस बारे में एसडीएम कुसमी को पहले ही सूचित कर दिया है। कंपनी और थाना सामरी को भी इसकी जानकारी दी गई है।
