सूबेदार मनोज आरोपी बंसीलाल की फोटो दिखाते हुए।
ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाकर देश की सुरक्षा करने वाले 5/1 गोरखा राइफल्स के सूबेदार मनोज कुमार आज खुद धोखाधड़ी और जालसाजी के शिकार हो चुके हैं। करनाल जिले के गांव बागपत निवासी बंसीलाल पर आरोप है कि उसने मनोज कुमार से 30 लाख रुपये से ज्यादा की र
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कई बार पुलिस और पंचायत के जरिए समझौते हुए, लेकिन आरोपी हर बार पीछे हट गया। अब एक दिन की छुट्टी लेकर सूबेदार मनोज फौज से छूट्टी लेकर करनाल एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा। पुलिस कप्तान गंगा राम पूनिया से वो मिले और अपनी आप बीती बताई। जिसके बाद पुलिस कप्तान गंगाराम पूनिया ने सूबेदार को अश्वस्त किया कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।सूबेदार के सामने ही संबंधित थाना के जांच अधिकारी को फोन कर तुंरत आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए।
आरोपी बंसीलाल की फोटो।
कैसे शुरू हुआ धोखाधड़ी का खेल मामला 2023 में शुरू हुआ। सूबेदार मनोज कुमार, जो इस समय देहरादून में तैनात हैं, ने गांव कैलाश (जिला करनाल) में प्लॉट खरीदने का सौदा किया। आरोपी बंसीलाल ने खुद को उस जमीन का मालिक बताते हुए 300 वर्गगज के प्लॉट नंबर 98 व 99 का सौदा किया। कीमत 10,100 रुपये प्रति गज के हिसाब से तय हुई और कुल रकम 30.30 लाख रुपये बनी। सूबेदार ने करीब 28 लाख रुपए RTGS के जरिए आरोपी के खाते में भेजे बाकी रकम उन्होंने आरोपी को कैश दी।
जून 2023 तक आरोपी पूरे 30.30 लाख रुपये ले चुका था। इसके बदले में उसने इकरारनामा भी लिखा और रजिस्ट्री की तारीख तय की। लेकिन जब सूबेदार मौके पर प्लॉट देखने पहुंचे तो पाया कि जमीन पर बंसीलाल का नाम ही नहीं है। जब उन्होंने आरोपी से सवाल किया तो उसे गुस्सा आ गया और धमकी दी कि पैसे भूल जाओ, वरना जान से हाथ धो बैठोगे।

शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा सूबेदार मनोज।
चैक दिए लेकिन बाउंस हो गए सूबेदार की मेहनत की कमाई यों ही डूब गई। आरोपी ने फरवरी 2024 में दो चैक दिए, लेकिन जब उन्हें बैंक में लगाया गया तो दोनों बाउंस हो गए। बाद में सूबेदार ने थाना सदर करनाल में शिकायत दी। पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करवाने की कोशिश की। समझौते में आरोपी ने 35 लाख रुपये के तीन चैक दिए और कहा कि रकम ब्याज सहित लौटा देगा। लेकिन यह भी सिर्फ झूठा भरोसा निकला।
26 लाख की जमीन भी निकली फर्जी अगस्त 2024 में आरोपी ने फिर से चाल चली। उसने सूबेदार को 26 मरला जमीन देने की बात कही और कहा कि यह रकम ब्याने में दर्ज है। लेकिन जब सूबेदार कब्जे के लिए पहुंचे तो पता चला कि वह जमीन भी किसी और की थी। यहां तक कि इंतकाल और जमाबंदी में भी मालिक कोई और निकला। इससे साफ हो गया कि आरोपी हर बार नए-नए तरीके से धोखा देने का काम कर रहा है। जब सूबेदार ने विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी।

दैनिक भास्कर से बातचीत कर अपनी आपबीती बताते सूबेदार मनोज कुमार।
पंचायत में हुआ समझौता भी झूठा साबित 11 अप्रैल 2025 को पुलिस और पंचायत की मौजूदगी में दोनों पक्षों में फिर समझौता हुआ। इस बार आरोपी बंसीलाल ने लिखित में वादा किया कि 30 अप्रैल तक 15 लाख और 30 मई तक 20 लाख रुपये लौटा देगा। लेकिन तय तारीख तक एक भी पैसा नहीं दिया। सूबेदार मनोज कुमार का कहना है कि यह आरोपी बदमाश प्रवृत्ति का है और लोगों को इसी तरह फंसाकर रकम हड़पता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई इस सौदे में लगा दी, लेकिन आज वे ठगा महसूस कर रहे हैं।
फिर दिए दो चैक, वे भी बाउंस निकले जनवरी 2025 में आरोपी ने सूबेदार को दो और चैक दिए, लेकिन यह दोनों भी बाउंस हो गए। हर बार की तरह सूबेदार को सिर्फ धोखा और धमकी ही मिली। थाना सदर करनाल ने बीते जुलाई माह में धारा 406 और 420 के तहत एफआईआर दर्ज की। इसमें साफ लिखा गया कि आरोपी ने अनुचित लाभ लेने के लिए रकम ली और अपराध किया। लेकिन एफआईआर के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
