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मिग-21 फाइटर की आखिरी उड़ान, एयरफोर्स चीफ ने सवारी की: 62 साल बाद रिटायर हुआ; 1965, 1971 और कारगिल जंग में शामिल रहा

मिग-21 फाइटर की आखिरी उड़ान, एयरफोर्स चीफ ने सवारी की:  62 साल बाद रिटायर हुआ; 1965, 1971 और कारगिल जंग में शामिल रहा

05:47 AM26 सितम्बर 2025

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पाकिस्तान से 1971 और 1999 कारगिल जंग में बड़ी भूमिका निभाई

इयान सीसी ग्राहम ने अपने आर्टिकल ‘The indo-soviet mig deal and its international repercussions’ में लिखा है- भारत में MiG लाने में उस वक्त के रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन का बड़ा रोल था। 1961 में रूस और भारत के बीच MiG सीरीज के विमानों की खरीद की बात मीडिया में सामने आई तो रक्षा मंत्रालय ने इन सभी बातों को खारिज कर दिया था।

1962 में अमेरिकी सांसद ने एक रिपोर्ट के हवाले से दावा किया था कि भारत एयरफोर्स के 2 स्क्वाड्रन के लिए रूस से MiG विमानों की खरीदारी की है। एक साल बाद अप्रैल 1963 में पहली बार इंडियन एयरफोर्स ने अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए सोवियत रूस के MiG-21 को अपने बेड़े में शामिल किया। 1967 से MiG-21 को भारत में असेम्बल करने का अधिकार और टेक्नोलॉजी भारतीय कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL को मिला।

पाकिस्तान से हुई 1971 की जंग और 1999 में कारगिल जंग के दौरान MiG – 21 ने हमें जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। MiG-21 को अपग्रेड करने के लिए 1996 में एयरफोर्स की एक टीम रूस गई। अपग्रेड के बाद 2000 में भारत को नए जहाज मिलने शुरू हुए।

1971 का युद्ध: पाकिस्तान के कई एयरबेस मिग-21 के हमलों में तबाह हुए। यह उस दौर का गेम-चेंजर फाइटर साबित हुआ।

1999 कारगिल युद्ध: दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मन के ठिकानों को नष्ट किया। इसने ऊंचाई पर लड़ने में अपनी विश्वसनीयता साबित की।

2019 बालाकोट स्ट्राइक: ग्रुप कैप्टन अभिनन्दन वर्धमान ने मिग-21 बायसन उड़ाकर पाकिस्तानी एफ-16 विमान को मार गिराया।



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