मुख्य बातें

शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारी 80 हजार रिश्वत लेते पकड़े: सस्पेंडेड टीचर की जांच खत्म करने और मनचाही पोस्टिंग के लिए मांगे थे पैसे – Damoh News

शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारी 80 हजार रिश्वत लेते पकड़े:  सस्पेंडेड टीचर की जांच खत्म करने और मनचाही पोस्टिंग के लिए मांगे थे पैसे – Damoh News

दमोह में लोकायुक्त सागर की टीम ने सोमवार रात शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारियों को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। यह रिश्वत एक शिक्षक की मनचाही पोस्टिंग करने और उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच को खत्म करने के एवज में मांगी गई थी। पीड़ित शिक्षक नवेंद्र अठ्या, जो पटेरा के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ थे, उन्हें सितंबर 2025 में एक विवाद के बाद निलंबित कर दिया गया था। बहाली के बाद उन्हें तेंदूखेड़ा अटैच किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ अनिल साहू और मनोज श्रीवास्तव ने उनसे पदस्थापना में संशोधन करने और जांच समाप्त करने के नाम पर एक लाख रुपए की मांग की थी, जिसमें सौदा 80 हजार रुपए में तय हुआ। पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास बिछाया जाल आरोपियों को पकड़वाने के लिए नवेंद्र ने 13 अप्रैल को लोकायुक्त सागर में शिकायत की थी। योजना के अनुसार, सोमवार रात करीब 9 बजे शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने मुख्य सड़क पर जैसे ही अनिल साहू ने रिश्वत की राशि ली, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। बाद में इस साजिश में शामिल लिपिक नीरज सोनी और मनोज श्रीवास्तव को भी पकड़ा गया। तीन कर्मचारी चढ़े लोकायुक्त के हत्थे लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरण तिर्की के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में माध्यमिक शिक्षक अनिल साहू, सहायक ग्रेड-2 मनोज कुमार श्रीवास्तव और सहायक ग्रेड-3 नीरज कुमार सोनी को हिरासत में लिया गया। इन तीनों आरोपियों को जबलपुर नाका चौकी ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई। जांच टीम की मुस्तैदी से पकड़े गए आरोपी इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरण तिर्की, रंजीत सिंह और उनकी टीम के करीब 12 सदस्य शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *