रमन अरोड़ा जालंधर कोर्ट में पेश। (फाइल शॉट)
थाना रामामंडी में दर्ज जबरन वसूली मामले में हलका सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 1 नवंबर तय की है। वहीं, करप्शन केस की सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। दोनों मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चु
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सूत्रों के मुताबिक, जेल से रिहाई के बाद अरोड़ा ने सालासर जाकर बालाजी के दर्शन किए थे। हालांकि अब तक उन्होंने मीडिया और जनता से दूरी बनाए रखी है और दोनों मामलों को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जल्द ही उन्हें पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
गौरतलब है कि 23 अगस्त को लम्मा पिंड निवासी रमेश कुमार की शिकायत पर थाना रामामंडी में जबरन वसूली का केस दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में विधायक ने दफ्तर में बुलाकर महीने की रकम मांगी थी। इससे पहले विजिलेंस ने भी अरोड़ा को करप्शन केस में गिरफ्तार किया था। हालांकि उस मामले में भी उन्हें जमानत मिल चुकी है।
मामले में जुलाई 2025 से सितंबर तक क्या हुआ..
- 20 जुलाई: पुलिस ने अदालत में 900 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें रमन अरोड़ा और उनके सहयोगियों पर आरोप लगाए गए।
- 3 सितंबर: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रमन अरोड़ा को भ्रष्टाचार मामले में जमानत दी।
- 4 सितंबर: जमानत मिलने के अगले दिन रामामंडी पुलिस ने उन्हें नए रंगदारी मामले में गिरफ्तार किया और 3 दिन की रिमांड पर भेजा।
- 10 सितंबर: रमन अरोड़ा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी को अवैध और राजनीतिक साजिश करार दिया।
- 11 सितंबर: 3 दिन की पुलिस रिमांड अवधि समाप्त हुई।
- 22 सितंबर: रंगदारी मामले में जमानत मिली।
