छिंदवाड़ा जिले से मानव तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हरई तहसील के बटका खापा गांव के 37 आदिवासी मजदूरों को अधिक मजदूरी का झांसा देकर महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश भेजा जा रहा था। इनमें 9 नाबालिग (3 बच्चियां, 6 लड़के), 23 महिलाएं और 5 पुरु
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बच्चे की सूझबूझ से पकड़ाए तस्कर रास्ते में शक होने पर मजदूरों ने विरोध किया, तो मोबाइल छीन लिए गए। लेकिन एक बच्चे ने छिपकर आदिवासियों के लिए काम करने वाले रामनाथ उइके को कॉल किया। सतारा में ट्रक रोका गया और नागपुर पुलिस ने सभी को सीताबर्डी थाने लाकर छुड़ाया।हालांकि एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन आरोपी राजेश नावचा और शंकर नावचा को छोड़ा गया।
छिंदवाड़ा के श्रम अधिकारी शिवकुमार मेहरा ने मजदूरों को सकुशल गांव पहुंचाया। रामनाथ उइके ने बताया कि एक साल में 83 बच्चों को बंधुआ मजदूरी से छुड़ाया गया है। उन्होंने पुनर्वास योजना का लाभ दिलाने और जिला सतर्कता समिति सक्रिय करने की मांग की है।
