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चंडीगढ़ CHB जमीन बेचकर जुटाएगा राजस्व: सेक्टर-53 की 492 फ्लैट्स हाउसिंग स्कीम बदलेगी, नई योजना के तहत कंपनी बनाएगी – Chandigarh News

चंडीगढ़ CHB जमीन बेचकर जुटाएगा राजस्व:  सेक्टर-53 की 492 फ्लैट्स हाउसिंग स्कीम बदलेगी, नई योजना के तहत कंपनी बनाएगी – Chandigarh News


चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) जमीन बेचकर राजस्व जुटाने की तैयारी में है और जो कंपनी जमीन खरीदेगी, वही यहां फ्लैट बनाकर बेचेगी। सेक्टर-53 हाउसिंग स्कीम की दिशा ही बदल दी है। पहले जहां दिवाली से पहले 492 फ्लैट्स लॉन्च करने की तैयारी थी, वहीं अब बोर्ड

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सीएचबी अधिकारियों को आशंका है कि अगर बोर्ड खुद फ्लैट बनाकर बेचने की योजना लाता है और वे बिके नहीं, तो बोर्ड को भारी नुकसान हो सकता है। पहले भी सेक्टर-61 और अन्य सेक्टरों में ऐसे प्रोजेक्ट घाटे में रहे हैं। इसी कारण बैठक में सुझाव दिया गया कि उपलब्ध जमीन की नीलामी की जाए, ताकि बोर्ड को सीधे राजस्व मिल सके और नुकसान की संभावना खत्म हो जाए।

सेक्टर-54 में बड़ा हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने की तैयारी

सीएचबी अब सेक्टर-54 में 31.8 एकड़ जमीन पर एक बड़ा हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने की तैयारी में है। योजना के तहत ग्राउंड प्लस 5 और स्टिल्ट प्लस 5 मंजिला इमारतें बनाई जाएंगी, जिनमें 1000 से अधिक फ्लैट होंगे। इसमें 4 बीएचके, 3 बीएचके, 2 बीएचके, 1 बीएचके और ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स शामिल होंगे। प्रशासक के निर्देश पर इसमें यूटी प्रशासन के कर्मचारियों के लिए भी कुछ मकान आरक्षित किए जा सकते हैं।

3 साल में 108 करोड़ की कमाई

सीएचबी ने पिछले 3 साल में ई-ऑक्शन के जरिए 167 प्रॉपर्टी बेचकर ₹108.47 करोड़ का राजस्व जुटाया है। इसमें 32 कॉमर्शियल और 135 रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी शामिल थीं। बोर्ड ने ब्लॉक-ए बिल्डिंग को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को किराए पर भी दिया है, जिससे हर महीने ₹33 लाख किराया (जीएसटी अतिरिक्त) मिल रहा है। अब सीएचबी फिर से ई-ऑक्शन करने की तैयारी कर रहा है, जिसमें 80 कॉमर्शियल और 11 रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की नीलामी की जाएगी।

अधिकारी बदले प्रोजेक्ट फिर से अटका

राज्यपाल एवं प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सीएचबी को सेक्टर-53 की योजना दिवाली से पहले लॉन्च करने और इसे किफायती बनाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अब यह प्रोजेक्ट एक बार फिर अधर में है क्योंकि सीएचबी के चेयरमैन, सीईओ और चीफ इंजीनियर सभी बदल गए हैं।

पूर्व चेयरमैन राजीव वर्मा का तबादला दिल्ली हो गया है, जबकि सीईओ अजय चगती और चीफ इंजीनियर राजीव सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब नए अधिकारी प्रोजेक्ट की रूपरेखा समझ रहे हैं, जिससे योजना में देरी तय मानी जा रही है।पहले भी पूर्व सीईओ अजय चगती के समय प्रोजेक्ट कई महीने लटका रहा, जिससे फ्लैट्स की कीमतें करीब 30% तक बढ़ गईं।



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