समस्तीपुर में सदर अस्पताल के स्टाफ ने वेतन और छुट्टी की मांग को लेकर काम ठप दिया। हॉस्पिटल कैंपस में धरने पर बैठ गए। कार्य एजेंसी पर शोषण का भी आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सदर अस्पताल में 50 से अधिक सफाई कर्मी होना चाहिए, लेकिन यहां 30
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धरना पर बैठे सफाई कर्मी नीरज कुमार ने बताया यहां राउंड द क्लॉक में काम होता है। महंगाई के इस दौर में मात्र 6000 रुपए दिया जाता है, जबकि नगर निगम क्षेत्र के सफाई कर्मियों को कम से कम 15,000 दिया जाता है। इसके साथ ही महीने में 4 दिन की छुट्टी भी दी जाकी है। लेकिन यहां 30 दिन काम लिया जा रहा है। लोगों को आराम नहीं मिल पा रहा है।
लगातार सफाई कर्मी बीमार पर रहे हैं। मानदेय बढ़ाने और साप्ताहिक विश्राम की मांग कर रहे हैं। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे नाराज होकर सोमवार सुबह की शिफ्ट में काम करने के बाद सफाई कर्मी धरना पर बैठ गए हैं । अब जब तक उन लोगों की मांगें पूरी नहीं हो जाती उन लोगों का धरना जारी रहेगा।
परिसर में नहीं लगा झाड़ू।
50 की जगह 30 से किया जा रहा काम
सफाई कर्मियों ने कहा कि सदर अस्पताल परिसर क्षेत्र, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड की साफ-सफाई के लिए कम से कम यहां 50 स्टाफ की जरूरत है, लेकिन मात्र 30 कर्मियों से ही काम लिया जा रहा है। जिससे अत्यधिक कार्य बोझ है। 8 घंटे से अधिक सफाई कर्मियों को काम करना पड़ता है, लेकिन इसके बाद भी वेतन का भुगतान नहीं किया जाता। सिर्फ 6 हजार ही दिया जाता है।
जल्द होगा समस्या का समाधान
उधर सिविल सर्जन डॉक्टर एस. के चौधरी ने बताया कि सफाई कार्य का जिम्मा निजी हाथों में है। हालांकि कर्मियों के काम बंद करने के कारण हो रही परेशानी पर नजर रखी जा रही है। जल्द इसका समाधान निकलवाया जाएगा।
